ट्रेडिंग और निवेश

ट्रेडिंग और निवेश
Cyber Crime: करेंसी ट्रेडिंग के नाम पर Demate Account खोल ऐसे ठगी करता था ये गैंग, 100 से भी ज्यादा लोगों को लगाया करोड़ों का चूना

Trading और Investing के बीच क्या अंतर है?

आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे Trading और Investing किसे कहते है और Difference Between Trading and Investing in Hindi की Trading और Investing में क्या अंतर है?

Trading और Investing के बीच क्या अंतर है?

शेयर बाजार के दो खंड होते हैं, प्राथमिक बाजार और द्वितीयक बाजार। द्वितीयक बाजार में, मूल रूप से जारी प्रतिभूतियों की खरीद और बिक्री होती है। द्वितीयक बाजार के प्रतिभागियों को व्यापारियों, निवेशकों और सट्टेबाजों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

Trading और Investing के बीच सीमांकन की एक पतली रेखा होती है जो पैसा खर्च करते समय प्रतिभागी के इरादे में निहित होती है, यानी एक निवेशक अच्छे रिटर्न को ध्यान में रखकर एक निश्चित दृष्टिकोण के साथ पैसा निवेश करता है।दूसरी ओर, व्यापारियों द्वारा पैसा कमाने के उद्देश्य से व्यापार किया जाता है।

Trading और Investing में कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते है जिनको हम Difference टेबल के माध्यम से नीचे समझेंगे लेकिन उससे पहले हम Trading और Investing किसे कहते है इसको और अच्छे से समझ लेते है।

What is Trading in Hindi -ट्रेडिंग क्या होता है?

ट्रेडिंग का अर्थ है प्रतिभूतियों का व्यापार, यानी लाभ कमाने के उद्देश्य ट्रेडिंग और निवेश से व्यापारियों के बीच शेयरों, बांडों, डिबेंचर आदि की खरीद और बिक्री। स्टॉक एक्सचेंज में, खरीदार द्वारा विक्रेता को स्टॉक ट्रांसफर के लिए पैसा ट्रांसफर किया जाता है, जो इसके लिए एक विशेष कीमत पर सहमत होता है। प्रभावी ट्रेडिंग के लिए, स्टॉक ट्रेडर को बाजार के रुझानों और उसके प्रदर्शन की अच्छी जानकारी होनी चाहिए।

एक संगठित स्टॉक एक्सचेंज में, केवल पंजीकृत सदस्यों को प्रतिभूतियों में व्यापार करने की अनुमति है, जिसमें ब्रोकरेज फर्म शामिल हैं। ब्रोकरेज फर्म व्यापारियों के रूप में कार्य करती हैं और व्यक्तिगत निवेशकों को प्रतिभूतियों में व्यापार करने के लिए सेवाएं प्रदान करती हैं और उनकी सेवाओं के लिए कमीशन के रूप में एक निश्चित राशि का शुल्क लेती हैं।

What is Investing in Hin di- इन्वेस्टिंग क्या होता है?

लाभ अर्जित करने की आशा में धन को बैंक, व्‍यापार आदि में डालना इन्वेस्टिंग कहा जाता है। निवेश आपके पास मौजूद धन की मात्रा को संभावित रूप से बढ़ाने का एक तरीका है। निवेश स्टॉक, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड और वार्षिकी जैसी चीजें हैं।

निवेश से उत्पन्न आय को रिटर्न कहा जाता है, जो निश्चित आय या परिवर्तनीय आय हो सकता है। निश्चित आय निवेश में सावधि जमा या डिबेंचर ट्रेडिंग और निवेश पर ब्याज और वरीयता शेयरों पर लाभांश शामिल है। इसके विपरीत, इक्विटी और रियल एस्टेट में निवेश परिवर्तनीय आय निवेश का एक उदाहरण है।

Difference Between Trading and Investing in Hindi

अभी तक ऊपर हमने जाना की Trading और Investing किसे कहते है अगर आपने ऊपर दी गयी सारी चीजे ध्यान से पढ़ी है तो आपको Trading और Investing के बीच क्या अंतर है इसके बारे में अच्छे से पता चल गया होगा।

अगर आपको अब भी Trading और Investing क्या होता है और इसमें क्या अंतर है इसको समझने में में कोई कन्फ़्युशन है तो अब हम आपको इनके बीच के कुछ महत्वपूर्ण अंतर नीचे बताने जा रहे है।

ट्रेडिंग और निवेश ट्रेडिंग और निवेश
BASIS FOR COMPARISONTRADING INVESTING
Meaning ट्रेडिंग, एक मूल्य के लिए स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से दो पक्षों के बीच वित्तीय साधनों की खरीद और बिक्री को संदर्भित करता है। निवेश का तात्पर्य किसी योजना, परियोजना, नीति या योजना के लिए धन आवंटित करना है, जो भविष्य में रिटर्न उत्पन्न करने में सक्षम है।
Term Short to Medium term Medium to Long term
Tool Technical Analysis Fundamental Analysis
Related to Day to day market trend Long term profitability potential
Risk involved High Comparatively low
Time to spent Regular continuous tracking of stock is required. Active watch on the investment is required.
Taxation Short term capital gain Not taxable, subject to the investment is held for more than a year.

ट्रेडिंग और निवेश के बीच महत्वपूर्ण अंतर

जहां तक ट्रेडिंग और निवेश के बीच अंतर का संबंध है, नीचे दिए गए बिंदु पर्याप्त हैं:

  • ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंज द्वारा सुगम वित्तीय उत्पाद के हस्तांतरण की एक प्रणाली का संकेत देती है जिसमें विक्रेता खरीदार को एक मूल्य के लिए स्टॉक ट्रांसफर करता है, जिस पर पार्टियों द्वारा सहमति व्यक्त की जाती है। इसके विपरीत, निवेश का तात्पर्य समय के साथ धन को विकसित करने के लिए विभिन्न निवेश मार्गों पर काम करने के लिए धन को रखने के कार्य से है।
  • व्यापारिक उद्देश्य के लिए प्रतिभूति धारण करने की समय सीमा अल्पावधि है। दूसरी ओर, जब किसी परियोजना में पैसा लगाया जाता है, तो परिसंपत्ति को धारण करने की समय सीमा ट्रेडिंग के मामले में तुलनात्मक रूप से लंबी होती है।
  • ट्रेडिंग में, ट्रेडर ट्रेडिंग गतिविधि के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों द्वारा प्रतिभूतियों का विश्लेषण करने और भविष्य में उनके रुझानों का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक तकनीकी विश्लेषण करता है। के रूप में, निवेश में निवेशक को परियोजना, योजना या उत्पाद का विश्लेषण करने के लिए, इसके आंतरिक मूल्य का अनुमान लगाने के लिए मौलिक विश्लेषण करना पड़ता है।
  • व्यापार और निवेश दोनों बाजार के भविष्य के रुझानों पर निर्भर करते ट्रेडिंग और निवेश हैं, और भविष्य अनिश्चित है। हालांकि, निवेश की तुलना में ट्रेडिंग के मामले में जोखिम कारक अधिक है।
  • जब ट्रेडिंग की बात आती है, तो नुकसान को रोकने के लिए स्टॉक की नियमित निरंतर ट्रैकिंग की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत, निवेश के लिए निवेशक द्वारा सक्रिय निगरानी की आवश्यकता होती है, ताकि बाजार में ट्रेडिंग और निवेश तेजी आने पर लाभ अर्जित किया जा सके।
  • ट्रेडिंग शेयरों की बिक्री पर अल्पकालिक पूंजीगत लाभ को आकर्षित करती है जिस पर कर @ 15% लागू होता है। इसके विपरीत, यदि निवेशक द्वारा निवेश को एक वर्ष से अधिक समय तक रखा जाता है, तो यह कर योग्य नहीं है। अन्यथा, यह कर योग्य है।
  • ट्रेडिंग बाजार में दिन-प्रतिदिन के रुझानों के बारे में अधिक है, जबकि निवेश योजना या योजना की दीर्घकालिक लाभप्रदता क्षमता से संबंधित है।

Conclusion

आज के इस पोस्ट में हमने जाना की Trading और Investing किसे कहते है और Difference Between Trading and Investing in Hindi की Trading और Investing में क्या अंतर है।

शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए जरूरी खबर, 30 सितंबर तक Demat Account से जुड़ा ये काम कर लें

शेयरों की खरीद फरोख्त करते हैं, तो ये खबर आपके काम की है. अगर इस काम की अनदेखी की तो एक अक्टूबर से शेयरों की ट्रेडिंग करना मुश्किल हो जाएगा.

शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए जरूरी खबर, 30 सितंबर तक Demat Account से जुड़ा ये काम कर लें

TV9 Bharatvarsh | Edited By: राघव वाधवा

Updated on: Sep 10, 2022 | 6:04 PM

शेयरों की खरीद फरोख्त करते हैं, तो ये खबर आपके काम की है. अगर इस काम की अनदेखी की तो एक अक्टूबर से शेयरों की ट्रेडिंग करना मुश्किल हो जाएगा. नए एक्सचेंज नियमों के मुताबिक, डीमैट अकाउंट में टाइम बेस्ड वन टाइम पासवर्ड यानी TOTP 2Factor लॉगिन इनेबल करना अनिवार्य है. इस काम को पूरा करने की मियाद 30 सितंबर तक है. यानी 30 सितंबर तक डीमैट अकाउंट का ऑथेंटिकेशन यानी प्रमाणित करना जरूरी है.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने क्या कहा?

आपको बता दें कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई ने 14 जून को जारी सर्कुलर में ये सूचना दी थी. हालांकि सर्कुलर में इस बारे में नहीं बताया गया है कि अगर कोई डीमैट अकाउंट होल्डर दी गई तारीख तक टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन इनेबल नहीं करता है, तो लॉग इन करने के लिए ऑथेंटिकेशन फैक्टर्स में से कौन सी प्रकिया अपनानी होगी.

ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म अपस्टॉक्स के डायरेक्टर पुनीत माहेश्वरी ने कहा कि अधिकांश स्टॉकब्रोकर पासवर्ड के अलावा पिन जैसे दूसरे ऑथेंटिकेशन फैक्टर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं, ऐसे मामलों में जहां बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन संभव नहीं है, वहां स्टॉक ब्रोकर ग्राहकों के लिए लॉगिन इनेबल करने ट्रेडिंग और निवेश के लिए पासवर्ड और ओटीपी दोनों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

टाइम बेस्ड वन टाइम पासवर्ड हासिल करने के लिए अपने पीसी या मोबाइल पर Google Authenticator, Microsoft authenticator, Authy, Last Pass Authenticator या Bitwarden में से कोई एक ऐप डाउनलोड करना हेागा. वहीं दूसरी ओर अपस्टॉक्स यूजर्स को ओटीपी और पिन दर्ज करना होगा, जबकि मोबाइल लॉगिन के मामले में ओटीपी या पिन के साथ बायोमेट्रिक्स का उपयोग होगा.

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इसके अलावा आपको बता दें कि अगर आप शेयर बाजार के माध्यम से बेहतरीन कमाई करना चाहते हैं तो बहुत जल्द ही शेयर बाजार में बीयरिंग कैजेस (Bearing Cages) बनाने वाली कंपनी हर्षा इंजीनियर्स (Harsha Engineer) का आईपीओ आने वाला है और कपनी शेयर बाजार (Share Market) में जल्द ही लिस्ट हो जाएगी. हर्षा इंजीनियर इंटरनेशनल (Harsha Engineers International) ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया है कि IPO के जरिए कंपनी 755 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है. इसके साथ ही कंपनी ने आईपीओ के तहत 314-330 रुपए के बीच प्राइस बैंड भी फिक्स कर दिया है.

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर पांच करोड़ की ठगी

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर पांच करोड़ की ठगी

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर सैकड़ों लोगों से पैसा निवेश कराने वाली कंपनी करोड़ों की चपत लगाकर नौ दो ग्यारह हो गई। कंपनी में यूपी, झारखंड और उत्तराखंड के सैकड़ों लोगों ने इनवेस्ट किए थे। पिछले चार महीने से कमीशन का पैसा न मिलने पर लोगों को शक हुआ। मंडे को दर्जनों लोग ऑफिस पहुंचे तो मेन मालिक मौके से नदारत था। पीडि़त ने ऑफिस में मौजूद एक झारखंड के एजेंट को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पीडि़त दर्जनों युवकों ने हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

भुनेश्वर का है कंपनी का मालिक

मुनाफा वसूली के चलते लगातार दूसरे दिन भी गिरे निफ्टी व सेंसेक्‍स, IT और बैकिंग सेक्‍टर में बिकवाली हावी

उड़ीसा भुनेश्वर का रहने वाले राहुल ंिसंह ने बुल ट्रेडर्स के नाम से अगस्त 2015 में कंपनी शुरू की थी। जिसका ऑफिस हजरतगंज के स्काई आई बिल्डिंग के तीसरे फ्लोर पर था। कंपनी ने यूपी, उत्तराखंड और झारखंड में कई एजेंट में बनाए थे। जिनके जरिए लोगों का कंपनी में अकाउंट खुलवाया जाता था और उनसे शेयर ट्रेडिंग के लिए पैसा जमा कराया जाता था। आवेदक जितना पैसा निवेश करता था उस रकम का वीकली एक प्रतिशत और मंथली चार प्रतिशत कमीशन मिलता था। कंपनी ने एचडीएफसी बैंक में अकाउंट खोला था।

कैसे चलता था पूरा गेम

कंपनी ने सैकड़ों लोगों से लाखों रुपये निवेश कराया था। उनकी रकम से विशेषज्ञों से शेयर ट्रेडिंग कराई जाती थी। उससे मिलने वाले मुनाफे को मंथली 4 प्रतिशत निवेशक को दिया जाता था जबकि बाकी मुनाफा कंपनी खुद रखती थी। जनवरी 2016 में कंपनी में करीब दो सौ लोगों ने पांच करोड़ से ज्यादा निवेश किया था। जिसमें यूपी के साथ झारखंड और उत्तराखंड के युवक भी शामिल हैं।

नोटबंदी के बाद से शुरू मंदी

दिसंबर 2016 तक निवेशकों को कंपनी ने कांट्रेक्ट के अनुसार कमीशन दिया, लेकिन जनवरी के बाद कमीशन देना बंद कर दिया। निवेशकों ने कंपनी के डायरेक्टर राहुल सिंह से मिलकर उसका कारण पूछा तो उन्होंने नोट बंदी का हवाला देते हुए फरवरी लास्ट तक सबकुछ ठीक होने का आश्वासन दिया था। मार्च के बाद भी जब निवेशकों कमीशन नहीं मिला तो उन्होंने दोबारा संपर्क किया। इस बार राहुल सिंह ने इनकम टैक्स का हवाला देते हुए फिर आश्वासन दिया था लेकिन जुलाई में भी पैसा न मिलने पर उनका आक्रोश भड़क गया।

ऑफिस पहुंचे तो गायब था डायरेक्टर

पारा, काकोरी समेत आस-पास के जिले के सैकड़ों युवक मंडे शाम को जब अपनी रकम और कमीशन लेने के लिए ऑफिस पहुंचे तो डायरेक्टर राहुल सिंह गायब मिला। कई घंटे तक हंगामा करने के बाद आक्रोशित निवेशक ऑफिस में मौजूद झारखंड रांची के एजेंट राजू को पकड़ लिया और उसे हजरतगंज थाने ले गए। राजू ने बताया कि वह एजेंट है और उसने खुद झारखंड से कई लोगों का पैसा इनवेस्ट कराया है।

एक ही परिवार ने 46 लाख किए थे इनवेस्ट

पारा फतेहगंज के रहने वाले योगेश साहू समेत उनके परिवार ने कंपनी में करीब 36 लाख रुपये निवेश किए थे। जिसमें योगेश ने 18 लाख 60 हजार, उसके चाचा ओम प्रकाश ने 17 लाख और हुकुम चंद्र ने 12 लाख निवेश किए थे। जबकि आलम नगर के विनय मौर्या ने 5.50 लाख, काकोरी के मो। शमीम ने 2 लाख, काकोरी हरदोईया के सरोज ने 10 लाख, आलम नगर की सुधा अवस्थी ने 25 लाख, पारा की हेमा साहू ने 2 लाख समेत सैकड़ों लोगों ने लाखों रुपये इनवेस्ट किए थे। कुल रकम पांच करोड़ से भी ज्यादा की है। इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद शाही ने बताया कि ठगी के शिकार पीडि़तों ट्रेडिंग और निवेश की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। पकड़े गए एजेंट से पूछताछ की जा रही है।

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करेंसी ट्रेडिंग में लाखों निवेश कर करोड़ों रुपये कमाने का सपना दिखाकर डिमैट खुलवाने वाले एक साइबर ठग (Cyber Fraud) को उत्तर प्रदेश साइबर सेल ने मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को कॉल कर डिमैट अकाउंट (Demate Account) खुलवाकर करेंसी ट्रेडिंग (Currency Treading) कर मोटा पैसा कमाने का सपना दिखाता था।

यह लोग अपने एक फर्जी ऐप (Fake Demate App) की मदद से लोगों के रुपये को निवेश कराकर डिजिटल रूप से ही लाखों रुपये बढ़ा देते थे। जबकि हकीकत में निवेश किया गया रुपया तेजी से बढ़ना तो दूर शेयर की चढ़त और गिरावट के बीच नीचे आ जाता था। लोगों के रुपये निकालने की बात कहने पर आरोपी जीएसटी से लेकर कमिशन के रूप में लाखों रुपये वसूलकर खाता बंद कर देते थे। इसके बाद निवेशक को अपने साथ ठगी का पता लगता था। इसी गिरोह का भाड़ाफोड़ कर पुलिस ने एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी के अन्य साथियों का पता लगाने में जुटी है।

जांच के बारे में बात करते हुए एसपी साइबर क्राइम, प्रो त्रिवेणी सिंह ने कहा, “हमने इसी तरह के अन्य गिरोह की पहचान की है, जो निवेश के बहाने नागरिकों को धोखा दे रहे हैं। वे नकली निवेश ऐप बनाकर लोगों को लुभा रहे हैं। इसी तरह, लोग हैं नकली क्रिप्टोक्यूरेंसी निवेश ऑपरेटरों द्वारा ठगा जा रहा है। हम ऐसे धोखाधड़ी की जांच कर रहे हैं और एक कार्रवाई शुरू करेंगे।

दरअसल, कुछ समय पहले ही उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के चिरंजीव विहार निवासी अशोक कुमार साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी थी। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि कुछ शातिर ठगों ने उसे कॉल कर डीमैट अकाउंट खुलवाने के लिए प्रभावित किया। इसके बाद 15 लाख रुपये निवेश कराकर धोखाधड़ी कर ली। साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच की तो मध्य प्रदेश का लिंक मिला। पुलिस ने मामले की जांच कराकर छापेमारी कर मध्यप्रदेश से शोएब मंसूरी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मध्यप्रदेश के देवास स्थित त्रिवेणी नगर में रहता था। वह यहां कॉल सेंटर चलाकर लड़के लड़कियों से फोन कराकर लोगों को डिमैट अकाउंट खुलवाने का ट्रेडिंग और निवेश प्रलोभन दिलाता था।

ऐसे किया करोड़ों का खेल, अब पुलिस ने दबोचा
पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी ने बताया कि वह मध्यप्रदेश के इंदौर में अमदानी सॉल्यूशन के नाम से एक सेंटर चलाते थे। इसमें आरोपी अपने साथियों की मदद से लोगों को फोन कर करेंसी ट्रेडिंग के लिए डिमैट अकाउंट खुलवाते थे। यह लोग कॉल कर लोगों को जल्द से जल्द रुपया डबल करने का लालच देते थे। अकाउंट खुलवाकर आरोपी उक्त शख्स का यूजर आईडी और पासवर्ड अपने पास रख लेते थे। जिसे डिमैट अकाउंट का एक्सिस कर सकें। साथ ही आरोपी ग्राहकों से निवेश के लिए अलग अलग अकाउंट से पैसा मंगाते थे।

फर्जी ऐप से बढ़ती दिखाई देती करेंसी
आरोपी निवेशकों को एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते थे। यह फर्जी ऐप आरोपियों ने इंटरनेट और प्ले स्टोर (Play Store) पर डाला हुआ था। जिसमें आरोपी अपने हिसाब से सेटिंग करते थे। इन ऐप्स को निवेशक को अपना पैसा बढ़ता दिखाई देता था, लेकिन हकीकत कुछ और ही थी। जिसकी भनक निवेशक को दूर दूर तक नहीं लगती थी।

जैसे ही अमाउंट बहुत ऊपर जाता निवेश अपना प्रोफिट निकालने की मांग करता था। इस पर भी आरोपी जीएसटी, कमीशन और फीस के नाम पर पीड़ित से अलग अलग अकाउंट्स में रुपया जमा करा लेते थे। जैसे ही पीड़ित को ठगी का शक होता। आरोपी ठग उसका खाता ब्लॉक कर नंबर बंद कर देते थे। आरोपी ने अपने इस जाल में फसांने के लिए लड़के और लड़कियों को कॉल करने के लिए रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि आरोपी अब तक करीब 100 लोगों से 15 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। साइबर पुलिस आरोपी शोएब के अन्य साथियों का भी पता लगाने में जुटी है।

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