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स्टॉक एक्सचेंज में क्या कारोबार होता है

स्टॉक एक्सचेंज में क्या कारोबार होता है
शेयर मार्केट में सबसे पहले कोई भी कंपनी अपने शेयर्स की स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग करवाकर आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश) लाती है। इसके बाद कंपनी खुद के शेयर अपने द्धारा तय किये हुए मूल्य पर लोगों को जारी करती है।

Diwali Muhurat Trading: दिवाली के दिन खुलेगा स्टॉक मार्केट, मुहूर्त ट्रेडिंग में ये शेयर खरीदना हो सकता शुभ!

भारत में व्यापारी अपने कारोबार का नया साल दिवाली के दिन शुरू करते हैं. तभी तो देश के दो प्रमुख शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) भी उस दिन खुलते हैं और 'मुहूर्त ट्रेडिंग' होती है.

इस साल दिवाली 24 अक्टूबर 2022 को है. BSE और NSE दोनों इस दिन एक घंटे के स्पेशल सेशन के लिए खुलेंगे. इस एक घंटे के लिए मुहूर्त ट्रेडिंग होगी. दिवाली के दिन प्री-ओपन सेशन शाम 6 बजे से 6 बजकर 8 मिनट तक होगा.

ब्लॉक डील सेशन होगा पहले

दिवाली के दिन मुहूर्त ट्रेडिंग से भी पहले शेयर बाजार में एक ब्लॉक डील सेशन होगा. ये शाम 5 बजकर 45 मिनट से लेकर 6 बजे तक होगा. इसी के बाद प्री-ओपन सेशन और उसके बाद मुहूर्त ट्रेडिंग होगी.

शुरु होगा संवत 2079

Circuit Filter: क्या होता है सर्किट फिल्टर? स्टॉक, शेयर बाजार और निवेशकों के लिए क्या हैं मायने

Circuit Filter: क्या होता है सर्किट फिल्टर? स्टॉक, शेयर बाजार और निवेशकों के लिए क्या हैं मायने

Among sectors, only Nifty FMCG, Nifty Metal, and Nifty Realty closed with gains while others were in the red.

Circuit Filter in Stock & Stock Market: आज के कारोबार में छोटे और मझोले के कई शेयरों में 10 से 20 फीसदी की जोरदार तेजी है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई में लिस्टेड 302 शेयरों के सर्किट फिल्टर आज से बदल गए हैं. इनमें ज्यादातर मिडकैप और स्मालकैप स्टॉक शामिल हैं. कुछ शेयरों में सर्किट फिल्टर 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है तो कई में 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी. नए सर्किट फिल्टर लागू होने के बाद आज कई मिडकैप और स्मालकैप शेयरों में 10 से 16 फीसदी तक तेजी देखने को मिली है. कई स्टॉक एक्सचेंज में क्या कारोबार होता है में अपर सर्किट लगा है. आखिर क्या होता है सर्किट फिल्टर और निवेशकों के लिए क्या हैं इसके मायने….

सर्किट फिल्टर बदलने से इन शेयरों में जोरदार तेजी

सर्किट फिल्टर बदलने से मिडकैप और स्मालकैप शेयरों में जोरदार तेजी आई है. सोरिल इंफ्रा रिसोर्सेज में 20 फीसदी, जेपी पावर में 20 फीसदी, शेमरू में 20 फीसदी, कामधुनू में स्टॉक एक्सचेंज में क्या कारोबार होता है 20 फीसदी, जियोजीत फाइनेंस में 20 फीसदी, जेपी एसोसिएट्स में 20 फीसदी, जेपी इंफ्रा में 20 फीसदी, IFCI में 18 फीसदी, सुवेन में 18 फीसदी, सेरीब्रा इंटीग्रेटेड टेक में 17 फीसदी, MEP में 17 फीसदी, आशियाना हाउसिंग में 16 फीसदी तेजी, टीवीएस इलेक्ट्रॉनिक्स में 16 फीसदी तेजी और SDBL में 15 फीसदी के करीब तेजी देखने को मिली है. इसके अलावा भी कई शेयर हैं, जिनमें 10 फीसदी या उससे ज्यादा तेजी देखी जा रही है.

यह स्टॉक एक्सचेंज में क्या कारोबार होता है मार्केट रेगुलेटर की तरफ से बनाई गई प्राइस लिमिट होती है. इससे यह तय होता है कि कोई शेयर किता उपर या नीचे जा सकते हैं. जब भी किसी शेयर में तय लिमिट से ज्यादा तेजी या गिरावट आती है, उस शेयर में ट्रेडिंग बंद हो जाती है. मसलन अबर किसी शेयर का भाव 100 रुपये है और उसमें सर्किट फिल्टर 10 फीसदी है तो 110 रुपये के भाव पर जाते ही उस शेयर में ट्रेडिंग रोक दी जाती है. इसी तरह से लोअर लिमिट पर भी ट्रेडिंग रुक जाती है.

स्टॉक एक्सजेंस के लिए

सर्किट लिमिट से ही तय होता है कि एनएसई या बीएसई के निफ्टी और सेंसेक्स जैसे इंडेक्स एक दिन में कितना ऊपर-नीचे जा सकते हैं. इनमें फिल्टर 10 फीसदी, 15 फीसदी और 20 फीसदी की तेजी या गिरावट पर लगता है. इसके बाद कूलिंग ऑफ पीरियड होता है.

10 फीसदी सर्किट: अगर 10 फीसदी की तेजी या गिरावट 1 बजे से पहले आती है, जो बाजार में एक घंटे के लिए कारोबार रोक दिया जाता है. 45 मिनट बाद 15 मिनट के प्री ओपन सेशन के बाद कारोबार दोबारा शुरू होता है. वहीं, 1 बजे के बाद ऐसा होता है तो कारोबार 30 मिनट के लिए रुख जाता है. 2.30 बजे के बाद 10 फीसदी का सर्किट लगने पर कारोबार जारी रहता है.

15 फीसदी सर्किट: अगर इंडेक्स में 15 फीसदी का सर्किट 1 बजे से पहले आती है, तो बाजार में 2 घंटे के लिए कारोबार रोक दिया जाता है. दोपहर 1 बजे के बाद 15 फीसदी गिरावट आने पर एक घंटे के लिए कारोबार रुकता है. लेकिन 2.30 बजे के बाद 15 फीसदी का सर्किट लगे तो कारोबार जारी रहता है.

सर्किट फिल्टर का क्या है उद्देश्य

सर्किट फिल्टर का उद्देश्य खासतौर से बाजार में बड़ी उठापठक को रोकना है. वोलैटिलिटी के समय इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है. सर्किट फिल्टर बाजार के भागीदारों को संभलने का वक्त देता है. इसेस किसी शेयर या एक्सजेंस में बड़ी तेजी या बड़ी गिरावट को रोका जाता है. इसे ऐसे समझ सकते हें कि अगर किसी पार्टिकुलर कंपनी के बारे में ट्रेडिंग आवर के समय कोई बड़ी निगेटिव खबर आती है तो उस कंपनी के शेयर में भारी गिरावट आ सकती है. लेकिन सर्किट फिल्टर होने से वह तय लिमिट में ही कमजोर हो सकता है.

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Share market update: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच नई ऊंचाई पर पहुंचे सेंसेक्स-निफ्टी

Published: August 16, 2021 1:13 PM IST

(BSE Sensex)

Share market update: एशियाई बाजारों में सुस्त कारोबार के बावजूद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी के साथ कारोबार होता हुआ देखा गया है. हालांकि, सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ 55,518.95 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 16,550.75 अंक के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया.

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सुबह करीब 10.15 बजे सेंसेक्स अपने पिछले बंद 55,437.29 से 36.93 अंक या 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ 55,474.22 पर कारोबार कर रहा था. यह 55,479.74 पर खुला और इंट्रा-डे 55,281.02 अंक के निचले स्तर को छू गया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सिर्फ 0.50 अंक की तेजी के साथ 16,529.60 पर कारोबार कर रहा था.

सेंसेक्स पर शीर्ष कमाई करने वाले शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील और बजाज फिनसर्व थे, जबकि प्रमुख नुकसान उठाने वाले शेयरों में बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी इंडिया और अल्ट्राटेक सीमेंट थे.

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शेयर बाजार में आज से शुरू हो जाएगी T+1 साइकिल, जानिए कैसे होगा निवेशकों का फायदा

शेयर बाजार में आज से शुरू हो जाएगी T+1 साइकिल, जानिए कैसे होगा निवेशकों का फायदा

चीन के बाद T+1 लागू करने वाला भारत दूसरा देश है। (एक्सप्रेस फोटो : गणेश शिर्सेकर)

भारतीय शेयर बाजार में आज 25 फरवरी से कारोबार करने का तरीका बदल गया है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शेयर बाजार में T+1 सेटलमेंट साइकिल लागू करने का फैसला किया है। जिससे निवेशकों को पहले के मुकाबले पैसा जल्दी मिलेगा। चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश है जहां पर T+1 सेटेलमेंट को लागू किया गया है।

क्या होता है T+1 सेटलमेंट साइकिल?: शेयर बाजार में शेयरों की खरीद और बिक्री का एक सेटलमेंट साइकिल होता है। यह सेटलमेंट साइकिल तभी पूरा होता है जब खरीददार को शेयर मिल जाते हैं और बेचने वाले को उसकी राशि। 2002 की शुरुआत में सेटलमेंट साइकिल को T+5 से घटाकर T+3, फिर 2003 में T+3 से घटाकर T2 कर दिया गया था।

शेयर बाजार क्या है और कैसे काम करता हैं?

हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही शेयर मार्केट में भी ऐसा ही है। एक तरफ शेयर मार्केट में जहां लोग अच्छा मुनाफा कमा कर करोड़पति बन रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शेयर मार्केट में काफी नुकसान भी झेल रहे हैं, लेकिन अगर आप भी शेयर मार्केट में पैसा लगा रहे हैं तो आप भी इसके नुकसान से बच सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको इसकी पूरी जानकारी होना बेहद आवश्यक हैं।

क्योंकि बिना जानकारी के अगर आप शेयर मार्केट से पैसा कमाने चाहते हैं तो हो सकता है आप किस्मत वाले ही होंगे कि आपको मुनाफा मिलेगा अन्यथा ये काफी नुकसानदायक साबित होता है।

वहीं अगर आप ये सोच रहें कि शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने के लिए किसी योग्यता की जरूरत होगी तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, इसके लिए जरूरी है तो बस अच्छी जानकारी और समझदारी की। तभी आप इस क्षेत्र में पैसा लगाकर सफल हो सकेंगे।

शेयर बाजार क्या है और कैसे काम करता हैं? – What is Stock Market

शेयर मार्केट या स्टॉक मार्केट (Stock Market) वह जगह होती स्टॉक एक्सचेंज में क्या कारोबार होता है है, जहां पर शेयर, डिबेन्चर्स, म्यूचुअल फंड्स, डेरिवेटिव्स और अन्य सेक्योरिटी (Shares, Debentures, Mutual Funds, Derivatives और अन्य Securities) को ख़रीदा और बेचा जाता हैं। आपको बता दें कि, शेयर्स को मुख्य रुप से स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से ख़रीदा और बेचा जाता हैं।

वहीं अगर दूसरे शब्दों में कहें तो शेयर बाजार वास्तव में कम्प्यूटरों का नेटवर्क है, जहां पर शेयर खरीदे या बेचे जाते हैं। ब्रोकरों के द्धारा शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं। इसके साथ स्टॉक एक्सचेंज में क्या कारोबार होता है ही उच्च श्रेणी के सॉफ्टवेयर द्वारा तेज गति से मिलान भी किया जाता है। भारत के प्रमुख शेयर बाजार हैं –

BSE बॉम्वे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange) और NSE नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange)।

शेयर मार्केट के प्रकार – Types of Stock Market

शेयर मार्केट दो तरह के होते हैं

  • प्राइमरी शेयर मार्केट (Primary share market)
  • सेकेंडरी शेयर मार्केट (Secondary share market)

प्राइमरी शेयर मार्केट (Primary Share Market)

प्राइमरी शेयर मार्केट में भी शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं। वहीं इसके तहत कोई भी कंपनी बाजार में धन जुटाने के लिए प्राइमरी शेयर मार्केट में प्रवेश करती है। इसके तहत कंपनी जनता को शेयर जारी करने और पैसे जुटाने के लिए रजिस्टर्ड हो जाती हैं।

कंपनियां आम तौर पर प्राथमिक बाजार मार्ग के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होती हैं। वहीं अगर कोई कंपनी पहली बार शेयर बेच रही है, तो इसे प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (Initial Public Offering) या आईपीओ कहा जाता है, जिसके बाद कंपनी सार्वजनिक हो जाती है।

आईपीओ के लिए जाने के दौरान, कंपनी को अपने बारे में ब्योरा देना होगा, कंपनी को अपने वित्तीय, प्रमोटर, कारोबार, जो शेयर कंपनी द्धारा जारी किए जा रहे हैं समेत मूल्य बैंड की भी जानकारी देनी होगी।

आइए अब समझिए आखिर शेयर क्या होता है ? – What is Share

शेयर मार्केट में जो शेयर आप खरीदते या फिर बेचते हैं उन Share का अर्थ होता हैं -“हिस्सा” वहीं स्टॉक मार्केट की भाषा में “शेयर” का मतलब हैं – “कंपनियों में हिस्सा” । वहीं जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं तो कंपनी के हिस्सेदार बन जाते हैं। वहीं अगर आपके पास किसी कंपनी के शेयर हैं तो आप उस कंपनी के उतने हिस्से के मालिक बन जाते हैं।

आपको ये भी बता दें कि शेयर को हिंदी में अंश कहते हैं और शेयर होल्डर को अंशधारक कहते हैं। शेयर बाजार से शेयर खरीद कर आप भी वहां लिस्टेड किसी भी कंपनी के मालिक बन सकते हैं।

सभी शेयर कंपनी द्वारा घोषित किये गए सभी डिविडेंड (Dividend) अथवा बोनस शेयर के अधिकारी भी होते हैं। किसी कंपनी के शेयर खरीद लेने से आपको भी वो सब अधिकार मिल जाते हैं जो शेयर होल्डर के आधिकार होते हैं।

उदाहरण के तौर पर अगर समझे तों, अगर किसी कंपनी ने कुल 1 लाख शेयर issue किए हैं और आपने उसमें से 10 हजार Shares खरीद लिए हैं तो आप उस कंपनी के 10% हिस्सेदार बन जाते हैं और आप जब चाहें तब इन शेयर्स को स्टॉक मार्केट में बेच सकते हैं।

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