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कुल लिक्विडिटी

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3 मार्च 2022 को, भारतीय रिजर्व बैंक(RBI) ने 30 जनवरी 2009 के RBI के परिपत्र प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों द्वारा गैर-SLR प्रतिभूतियों में निवेश के पैराग्राफ 2 (i) और 2 (iii) (b) में निर्धारित गैर-सांविधिक तरलता अनुपात(गैर-SLR) होल्डिंग लिमिटेड से प्राथमिक सहकारी बैंक(UCB) द्वारा छाता संगठन (UO) में किए गए निवेश को छूट दी है।

कुल लिक्विडिटी

इंदौर (मध्य प्रदेश) पुलिस ने 12वीं की छात्रा की होटल में आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें लेकर उससे छेड़छाड़ करने व ब्लैकमेल कर ₹1.2 लाख ऐंठने के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया है। बकौल पुलिस, दोनों की दोस्ती सोशल मीडिया पर हुई थी व आरोपी को देने के लिए पीड़िता अपने घर से नकदी और गहने चुरा रही थी।

आत्मनिर्भर भारत अभियान पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

COVID-19 संकट के समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान की घोषणा की गई. इसके बारे में अधिक जानें और भारतीय अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के मिशन में शामिल राहत पैकेजों के आधार पर एक दिलचस्प प्रश्नोत्तरी को हल करें.

GK Quiz on Aatma Nirbhar Bharat Abhiyaan

आत्मनिर्भर भारत अभियान या Self-reliant India Movement का उद्देश्य आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करना है. यह दुनिया भर के एक राष्ट्र द्वारा घोषित सबसे बड़े आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज में से एक है.

1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के माध्यम से कितने आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की गई है?
A. 10 लाख करोड़ रुपये
B. 15 लाख करोड़ रुपये
C. 20 लाख करोड़ रुपये
D. 25 लाख करोड़ रुपये
Ans. C
व्याख्या: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के माध्यम से कोरोनोवायरस संकट को कम करने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की.

2. आत्मनिर्भर भारत अभियान, आर्थिक पैकेज भारत के जीडीपी (GDP) के कितने बराबर है?
A. 7%
B. 8%
C. 9%
D. 10%
Ans. D
व्याख्या: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की और आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया. पैकेज में सरकार द्वारा COVID-19 संकट और निर्णयों के दौरान पहले की गई घोषणाओं को संयुक्त रूप से लिया गया है, रूपये 20 लाख करोड़, जो भारत की जीडीपी के लगभग 10% के बराबर है.

3. निम्नलिखित में से किन पर आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज केंद्रित है?
A. श्रम (Labour)
B. भूमि (Land)
C. लिक्विडिटी और कानून (Liquidity and Laws)
D. उपरोक्त सभी
Ans. D
व्याख्या: आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज भूमि (land), श्रम (Labour), लिक्विडिटी और कानून (Liquidity and Laws) पर केंद्रित है, जो कुटीर उद्योग, MEMEs, मजदूरों, मध्यम वर्ग, और अन्य उद्योगों सहित विभिन्न वर्गों को पूरा करेगा.

4. Self-Reliant India Movement के स्तंभ क्या हैं?
A. इंफ्रा-स्ट्रक्चर (Infra-structure)
B. अर्थव्यवस्था (Economy)
C. डेमोग्राफी (Demography)
D. उपरोक्त सभी
Ans. D
व्याख्या: Self-Reliant India Movement के 5 स्तंभ हैं. वो हैं; अर्थव्यवस्था (क्वांटम जम्प, वृद्धिशील परिवर्तन नहीं), इन्फ्रा-स्ट्रक्चर (आधुनिक भारत का प्रतिनिधित्व करता है), सिस्टम (प्रौद्योगिकी-संचालित), जनसांख्यिकी (Demography) (सबसे बड़े लोकतंत्र की जीवंत जनसांख्यिकी) और डिमांड (मांग और आपूर्ति की शक्ति का पूर्ण उपयोग).

5. वित्त वर्ष 2020-21 के लिए, 'स्रोत पर कर कटौती’ और ‘स्रोत पर संग्रहीत कर’ की दरों में कितनी कटौती की घोषणा, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत की गई है?
A. 20%
B. 21%
C. 23%
D. 25%
Ans. D
व्याख्या: निवासियों को सभी गैर-वेतनभोगी भुगतानों के लिए TDS दर, और स्रोत कुल लिक्विडिटी दर पर एकत्र किए गए कर वित्त वर्ष 2020-21 की शेष अवधि के लिए आवश्यक दरों के 25 प्रतिशत से कम होने जा रहे हैं.

6. EPC और रियायत समझौतों से जुड़े दायित्वों सहित अनुबंधात्मिक दायित्वों को पूरा करने के लिए कितने महीनों तक का समय विस्तार देकर ठेकेदारों को राहत दी गई है?
A. 3 महीने
B. 5 महीने
C. 6 महीने
D. 7 महीने
Ans. C
व्याख्या: ‘ठेकेदारों को राहत’ 'Relief to Contractors' के तहत, रेलवे, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और CPWD जैसी सभी केंद्रीय एजेंसियां को अनुबंधात्मक दायित्वों को पूरा करने के लिए छह महीने तक का समय विस्तार प्रदान किया जाएगा, जिसमें EPC और रियायत समझौतें शामिल हैं.

7. MSMEs सहित व्यरवसायों के लिए आपातकालीन कार्यशील पूंजी सुविधा कितनी घोषित की गई है?
A. 2 लाख करोड़ रूपये
B. 3 लाख करोड़ रूपये
C. 4 लाख करोड़ रूपये
D. उपरोक्त में से कोई नहीं
Ans. B
व्याख्या: भारत सरकार MSMEs सहित व्यवसायों के लिए आपातकालीन कार्यशील पूंजी सुविधा के लिए 3 लाख करोड़ रुपये की कुल तरलता (लिक्विडिटी) प्रदान करेगी.

8. कितने रूपये तक के लिए सरकारी निविदाओं के लिए कोई वैश्विक निविदा नहीं होगी?
A. 100 करोड़ रूपये
B. 150 करोड़ रूपये
C. 200 करोड़ रूपये
D. 250 करोड़ रूपये
Ans. C
व्याख्या: 200 करोड़ रुपये तक की सरकारी निविदाओं के लिए कोई वैश्विक निविदा नहीं. 200 करोड़ रुपये से कम मूल्य के वस्तुओं और सेवाओं की खरीद में वैश्विक निविदा पूछताछ को अस्वीकार करने के लिए सरकार के सामान्य वित्तीय नियमों (जीएफआर) में संशोधन किए जाएंगे.

9. सरकार द्वारा NBFC / HFC / MFIs के लिए कितने रूपये की विशेष तरलता योजना की घोषणा की गई है?
A. 20,000 करोड़ रूपये
B. 25,000 करोड़ रूपये
C. 30,000 करोड़ रूपये
D. 35,000 करोड़ रूपये
Ans. C
व्याख्या: सरकार ने विशेष तरलता योजना के लिए 30,000 करोड़ रुपये की घोषणा की, तरलता RBI द्वारा NBFC / HFC / MFI के लिए दी जा रही है.

10. पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन द्वारा इस अभियान के तहत डिस्कॉम (DISCOM) के लिए कितने रूपये की तरलता सुलभ कराई जाएगी?
A. 70,000 करोड़ रूपये
B. 78,000 करोड़ रूपये
C. 85,000 करोड़ रूपये
D. 90,000 करोड़ रूपये
Ans. D
व्याख्या: पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन के तहत डिस्कॉयम (कुल लिक्विडिटी DISCOM) में तरलता को दो समान किस्तोंर में 90,000 करोड़ रुपये तक सुलभ कराएंगी. इस राशि का उपयोग डिस्कॉलम (DISCOM) द्वारा ट्रांसमिशन और जेनरेशन कंपनियों को उनके बकाये का भुगतान करने के लिए किया जा रहा है.

सरकार द्वारा COVID-19 से लड़ने के लिए घोषित किए गए आत्मनिर्भार भारत अभियान के आर्थिक पैकेज पर आधारित प्रश्न और उत्तर हैं, जो स्पष्टीकरण के साथ दिए गए हैं.

कुल लिक्विडिटी

RBI ने अम्ब्रेला संगठन में UCB के निवेश को गैर-SLR होल्डिंग लिमिटेड से छूट दी

RBI exempts UCBs’ investment in Umbrella Organisation

3 मार्च 2022 को, भारतीय रिजर्व बैंक(RBI) ने 30 जनवरी 2009 के RBI के परिपत्र प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों द्वारा गैर-SLR प्रतिभूतियों में निवेश के पैराग्राफ 2 (i) और 2 (iii) (b) में निर्धारित गैर-सांविधिक तरलता अनुपात(गैर-SLR) होल्डिंग लिमिटेड से प्राथमिक सहकारी बैंक(UCB) द्वारा छाता संगठन (UO) में किए गए निवेश को छूट दी है।

सीमाएं क्या हैं?

i. पैराग्राफ 2(i)- गैर-SLR निवेश पिछले वर्ष के 31 मार्च को बैंक की कुल जमा राशि के 10% तक सीमित होना चाहिए।

ii. पैराग्राफ 2(कुल लिक्विडिटी iii)(b) – असूचीबद्ध प्रतिभूतियों में निवेश किसी भी समय कुल गैर-SLR निवेश के 10% से अधिक नहीं होना चाहिए।

अब RBI द्वारा उपर्युक्त परिपत्र में नवीनतम संशोधन के साथ, प्राथमिक शहरी सहकारी बैंकों द्वारा गैर-SLR प्रतिभूतियों में निवेश पर ये सीमाएं नहीं लगाई जाएंगी।

प्रमुख बिंदु:

i. इस कदम से UCB को UO की पूंजी की सदस्यता लेने और इसकी सदस्यता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करने की उम्मीद है।

  • UO एक गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (NBFC) है जिसके पास मजबूत वित्तीय मानदंड हैं।
  • यह जरूरत पड़ने पर UCB को क्रॉस लिक्विडिटी और कैपिटल सपोर्ट प्रदान करता है।

ii. गैर-SLR प्रतिभूतियों में डिबेंचर/बांड, वरीयता शेयर, इक्विटी शेयर, म्यूचुअल फंड इकाइयां, वाणिज्यिक पत्र और प्रतिभूतिकरण/पुनर्निर्माण कंपनी द्वारा जारी प्रतिभूतियों में निवेश शामिल हैं।

iii. RBI ने UCB क्षेत्र के लिए UO के गठन के लिए जून 2019 में नेशनल फेडरेशन ऑफ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक्स एंड क्रेडिट सोसाइटीज लिमिटेड (NAFCUB) को नियामक मंजूरी दी थी।

  • अनुमोदन UCB को स्वैच्छिक आधार पर UO की पूंजी की सदस्यता लेने की अनुमति देता है।
  • RBI के अनुसार, मार्च-अंत 2021 तक, देश में 1,534 UCB थे।

हाल के संबंधित समाचार:

3 जनवरी 2022 को, RBI ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कार्ड, वॉलेट, मोबाइल उपकरणों आदि का उपयोग करके ऑफ़लाइन मोड में छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान की सुविधा के लिए एक रूपरेखा जारी की। एक ऑफ़लाइन भुगतान लेनदेन की ऊपरी सीमा 200 रुपये तय की गई थी, किसी भी समय भुगतान साधन पर कुल सीमा 2,000 रुपये थी।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बारे में:

स्थापना – 1 अप्रैल, 1935
मुख्यालय – मुंबई, महाराष्ट्र
राज्यपाल – शक्तिकांत दास
डिप्टी गवर्नर – महेश कुमार जैन, माइकल देवव्रत पात्रा, M राजेश्वर राव, T रबी शंकर

20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का पूरा हिसाब, जानिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसको कितनी मदद दी

कोरोना वायरस संकट को अवसर के रूप में बदलने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से धोषित 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के सामने ब्योरा रखा। रविवार को.

20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का पूरा हिसाब, जानिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसको कितनी मदद दी

कोरोना वायरस संकट को अवसर के रूप में बदलने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से धोषित 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के सामने ब्योरा रखा। रविवार को पैकेज की पांचवी किस्त का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 20 लाख कुल लिक्विडिटी करोड़ रुपए के पैकेज से किस सेक्टर को कितने रुपए की मदद दी गई।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पीएम गरीब कल्याण योजना, जिसके तहत गरीबों को मुफ्त राशन और खाते में नकद मदद दी गई, के जरिए 1.92 लाख करोड़ रुपए की मदद दी गई। इसमें टैक्स छूट की वजह से 7,800 रुपए का राजस्व नुकसान और पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए घोषित 15 हजार करोड़ रुपए भी शामिल हैं।

इसके अलावा एमएसएमई सेक्टर के लिए 3 लाख करोड़ रुपए के बिना गारंटी आसान लोन के रूप में देने की व्यवस्था की गई। कारोबारियों और कर्मचारियों की मदद के लिए ईपीएफ अंशदान के रूप में 2800 करोड़ रुपए की मदद दी गई। ईपीएफ अंशदान में कटौती से 6750 करोड़ रुपए की लिक्विडिटी बढ़ेगी। एनबीएफसी/एचएफसी/ एमएफआई के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की लिक्विडिटी का प्रावधान किया गया। टीडीएस/टीसीएस में 50 हजार रुपए की कटौती की गई। वित्त मंत्री की ओर से घोषित पहले पैकेज में कुल 5 लाख 94 हजार 550 रुपए की मदद का ऐलान किया गया।

दूसरी किस्त में वित्त मंत्री ने 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों के लिए 2 महीने मुफ्त राशन के लिए 3500 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। मुद्रा शिशु लोन योजना के तहत 1500 करोड़ रुपए की ब्याज राहत की घोषणा की गई। फेरवीवालों के लिए 10 हजार रुपए तक कर्ज योजना की घोषणा करते हुए 5000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। हाउजिंग स्कीम के जरिए 70 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी, नाबार्ड के जरिए 30 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त सहायता और केसीसी के जरिए 2 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त ऋण की व्यवस्था किसानों के लिए की गई। दूसरी किस्त में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3.10 लाख करोड़ रुपए का ब्योरा दिया।

तीसरी किस्त में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फूड माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया। प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया गया। टॉप टू टोटल के लिए 500 करोड़ रुपए, कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 1 लाख करोड़ रुपए निवेश का ऐलान किया गया। पशुपालन के लिए ढांचागत विकास पर 15 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। हर्बल खेती के लिए 4 हजार करोड़ रुपए रखे गए। मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपए दिए गए। इस किस्त में वित्त मंत्री ने कुल 1.50 लाख करोड़ रुपए का ऐलान किया।

इसके अलावा चौथी किस्त में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 8,100 कुल लिक्विडिटी करोड़ रुपए वायबिलिटी फंड की घोषणा की और इसके अलावा कई बड़े आधारभूत सुधारों का ऐलान किया गया। पांचवीं किस्त में वित्त मंत्री ने 40 हजार करोड़ रुपए मनरेगा के लिए आवंटित किए। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने भी 9 लाख करोड़ रुपए से अधिक की लिक्विडिटी उपायों की घोषणा की है, जिसका वास्तविक प्रभाव 8 कुल लिक्विडिटी लाख करोड़ रुपए से अधिक है।

कहां-कैसे खर्च हो रहा है आत्मनिर्भर भारत पैकेज का 20 लाख करोड़, वित्त मंत्रालय ने दिया लेखा-जोखा

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत में कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए 12 मई 2020 को 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक और व्यापक पैकेज की घोषणा की थी.

कहां-कैसे खर्च हो रहा है आत्मनिर्भर भारत पैकेज का 20 लाख करोड़, वित्त मंत्रालय ने दिया लेखा-जोखा

Image: PTI

Aatmnirbhar Bharat Package: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र कुल लिक्विडिटी मोदी ने भारत में कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए 12 मई 2020 को 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक और व्यापक पैकेज की घोषणा की थी. कहा गया था कि यह पैकेज भारत की GDP के 10% के बराबर है. इतने बड़े पैकेज का पैसा कहां और कैसे खर्च होगा, इसकी डिटेल की मांग काफी पहले से हो रही है. अब वित्त मंत्रालय ने इसका एक लेखाजोखा पेश किया है. वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालयों ने आत्‍मनिर्भर भारत अभियान के तहत आर्थिक पैकेज से संबंधित घोषणाओं को तुरंत लागू करना शुरू कर दिया था. मंत्रालयों द्वारा आत्‍मनिर्भर भारत पैकेज की मौजूदा योजनाओं के कार्यान्वयन में अब तक हुई प्रगति इस तरह है…

1. नाबार्ड के जरिए किसानों के लिए 30,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आपातकालीन कार्यशील पूंजी राशि: जारी बयान के मुताबिक 28 अगस्‍त 2020 तक 25,000 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है. विशेष लिक्विडिटी सुविधा (एसएलएफ) के तहत 5000 करोड़ रुपये की शेष राशि छोटी एनबीएफसी और एनबीएफसी-एमएफआई के लिए आरबीआई द्वारा नाबार्ड को आवंटित की गई. नाबार्ड इसे शीघ्र ही शुरू करने के लिए परिचालन संबंधी दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप दे रहा है. इसके अलावा नाबार्ड ने दो एजेंसियों एवं बैंकों के साथ मिलकर ‘संरचित वित्त और आंशिक गारंटी योजना’ भी शुरू की है, ताकि ऋणदाताओं से कर्ज प्राप्त करने में बिना रेटिंग वाली एनबीएफसी/एमएफआई की मदद की जा सके.

इस तरह की दो एजेंसियां और बैंकों के साथ मिलकर तैयार की गई इस व्‍यवस्‍था से उन छोटे एमएफआई के लिए ऋण की पात्रता 5-6 गुना बढ़ जाएगी, जिन्‍हें कुल लिक्विडिटी कोई भी रेटिंग प्राप्‍त नहीं है. जब एक बार इस योजना के लिए निर्धारित समस्‍त 500 करोड़ रुपये का इस्‍तेमाल सही ढंग से हो जाता है, तो इन छोटी एनबीएफसी/एमएफआई द्वारा 2500 से 3000 करोड़ रुपये तक की ऋण प्राप्ति की परिकल्पना की जाती है. यह सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों, विशेषकर महिलाओं तक पहुंचने में एक गेम चेंजर साबित होगा.

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2. MSME और व्यक्तियों को नए सिरे से कर्ज देने के लिए NBFC, HFC और MFI के लिए 45,000 करोड़ रुपये की आंशिक ऋण गारंटी योजना 2.0: वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक 28 अगस्‍त 2020 तक बैंकों कुल लिक्विडिटी ने 25,055.5 करोड़ रुपये के पोर्टफोलियो की खरीद को मंजूरी दे दी है और वे वर्तमान में अतिरिक्त 4,367 करोड़ रुपये के लिए अनुमोदन/बातचीत की प्रक्रिया कुल लिक्विडिटी में हैं.

3. एनबीएफसी/एचएफसी/एमएफआई के लिए 30,000 करोड़ रुपये की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम ने भी अच्छी प्रगति की है. योजना को लागू करने के लिए एसबीआईकैप को एक एसपीवी स्थापित करने का जिम्‍मा सौंपा गया था. यह योजना 1 जुलाई, 2020 को जारी की गई एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से शुरू की गई थी. उसी दिन नियामक आरबीआई ने भी इस योजना पर एनबीएफसी और एचएफसी को एक सर्कुलर जारी कर दिया था.

11 सितंबर 2020 तक 37 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, कुल लिक्विडिटी जिनमें 10590 करोड़ रुपये की राशि शामिल है. 783.5 करोड़ रुपये के वित्तपोषण के लिए 6 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं.

4. MSME सहित कारोबारियों के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का गारंटी-मुक्त Automatic लोन: व्यवसाय को राहत देने के लिए 29 फरवरी 2020 तक बकाया ऋण के 20% के बराबर अतिरिक्त कार्यशील पूंजी वित्त रियायती ब्‍याज दर पर सावधि ऋण के रूप में प्रदान किया जाएगा. यह 25 करोड़ रुपये तक के बकाया ऋण और 100 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली उन इकाइयों के लिए उपलब्ध होगा, जिनके खाते स्टैंडर्ड हैं. इन इकाइयों को स्वयं की ओर से कोई गारंटी या जमानत प्रदान नहीं करनी होगी. इस राशि पर 100% गारंटी भारत सरकार द्वारा दी जाएगी जो 45 लाख से भी अधिक एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रुपये की कुल लिक्विडिटी प्रदान करेगी.

20 मई 2020 को कैबिनेट की मंजूरी लेने के बाद वित्तीय सेवा विभाग ने 23 मई को योजना के लिए परिचालन दिशा-निर्देश जारी किए और आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) फंड 26 मंई को पंजीकृत किया गया. व्‍यवसाय के लिए व्यक्तिगत ऋणों को शामिल करने, बकाया ऋण सीमा को बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये करने और वार्षिक कारोबार की सीमा को बढ़ाकर 250 करोड़ रुपये करने के लिए 4 अगस्त को दिशा-निर्देशों में संशोधन किए गए.

10 सितंबर 2020 तक 42,01,576 कर्जदारों को 1,63,226.49 करोड़ रुपये की अतिरिक्त ऋण राशि मंजूर की गई है. 10 सितंबर 2020 तक 25,01,999 कर्जदारों को 1,18,138.64 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है. यह जानकारी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और निजी क्षेत्र के शीर्ष 23 बैंकों द्वारा दी गई है.

5. आयकर रिफंड: 1 अप्रैल 2020 से लेकर 8 सितंबर 2020 तक की अवधि के बीच 27.55 लाख से ज्‍यादा करदाताओं को 1,01,308 करोड़ रुपये से भी अधिक के रिफंड जारी किए गए हैं. 25,83,507 मामलों में 30,768 करोड़ रुपये के आयकर रिफंड जारी किए गए हैं और 1,71,155 मामलों में 70,540 करोड़ रुपये के कॉरपोरेट टैक्स रिफंड जारी किए गए हैं. दरअसल उन समस्‍त मामलों में 50 करोड़ रुपये तक के सभी कॉरपोरेट टैक्स रिफंड जारी कर दिए गए हैं, जहां भी देय थे. अन्य रिफंड प्रक्रियाधीन हैं.

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