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चढ़ाव के दौर में निफ्टी वायदा

चढ़ाव के दौर में निफ्टी वायदा
स्टॉक ने पिछले महीने अपने इश्यू प्राइस से 17.35 प्रतिशत के प्रीमियम पर शेयर बाजार में खाता खोला। हालांकि, लिस्टिंग के बाद के चढ़ाव के दौर में निफ्टी वायदा शुरुआती हफ्तों में तेजी के बाद स्टॉक की चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ी।

चढ़ाव के दौर में निफ्टी वायदा

नई दिल्ली. भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने एयरथिंग्स मास्टर्स ऑनलाइन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट के प्रारंभिक चरण के 15वें और अंतिम दौर में रूस के व्लादीस्लाव अर्तमीव को हराया लेकिन वह क्वार्टर फाइनल में जगह नहीं बना पाये.

इस 16 वर्षीय खिलाड़ी ने प्रारंभिक चरण के आखिरी दिन जर्मनी के विन्सेंट केमर से बाजी ड्रॉ खेली जबकि अगली बाजी में वह अमेरिका के हंस मोको नीमैन से हार गये. प्रज्ञानंद ने आठवें दौर में विश्व चैंपियन मैगनस कार्लसन को हराकर सनसनी फैला दी थी लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन उतार चढ़ाव वाला रहा जिससे वह आगे बढ़ने में नाकाम रहे.

वह आखिर में 19 अंकों के साथ 11वें स्थान पर रहे. शीर्ष आठ स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों ने नॉकआउट चरण में प्रवेश किया. केमर पर 32 चाल तक चली बाजी में जीत दर्ज करके इस भारतीय ग्रैंडमास्टर ने हालांकि अपने अभियान का सकारात्मक अंत किया.

सेंसेक्स २१३ अंक चढ़ा

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सेंसेक्स २१३ अंक चढ़ा

बाजारों के मिले–जुले संकेतों के बीच धातु‚ रियल्टी एवं ऊर्जा शेयरों में जोरदार लिवाली से बृहस्पतिवार को घरेलू शेयर बाजारों के मानक सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। बीएसई का ३० शेयरों वाला सेंसेक्स २१२.८८ अंक यानी ०.३६ प्रतिशत की वृद्धि के साथ ५९‚७५६.८४ अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह ४१५.९८ अंक यानी ०.६९ प्रतिशत तक उछल गया था। इसी तरह नेशनल स्टाक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी ८०.६० अंक यानी ०.४६ प्रतिशत की बढ़त दर्ज की और यह १७‚७३६.९५ अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजारों में बुधवार को ‘दिवाली बलिप्रतिपदा' के अवसर पर कारोबार बंद रहा था। कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के इक्विटी शोध (खुदरा) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा‚ ‘मासिक वायदा एवं विकल्प के निपटान के दिन बाजार में काफी उतार–चढ़ाव देखा गया। लेकिन धातु‚ रियल्टी और तेल एवं गैस कंपनियों में तेज खरीदारी होने से घरेलू बाजारों ने बढ़त का सिलसिला कायम रखा।

शेयर बाजार ने लगाईं तेजी की हैट्रिक, चढ़ाव के दौर में निफ्टी वायदा Apollo Hospital-TATA…आदि शेयर फोकस में

Dharmesh Jain Send an email November 24, 2022 Last Updated: November 24, 2022

stock market trading up Apollo Hospital-TATA Consumer product in focus,

सेंसेक्स 226 निफ्टी 67 अंक बैंक निफ्टी 187 अंक ऊपर, शेयर बाजार न्यूज़

stock market trading up Apollo Hospital-TATA Consumer product in focus

मुंबई (समयधारा) : देश के शेयर बाजार में आज बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है l

सेंसेक्स 226 अंक निफ्टी 67 अंक बैंक निफ्टी 187 अंक ऊपर चढ़कर कर रहा है कारोबार l

आज सुबह शेयर बाजार (9.19am)

चढ़ाव के दौर में निफ्टी वायदा

मंगलवार यानी 14 मई 2013 को ग्वार सीड और ग्वार गम का वायदा कारोबार फिर से आरंभ हो गया।

ग्वार के कारोबारियों और किसानों की ओर से दोबारा ग्वार में वायदा कारोबार में शुरू करने की माँग पर आर्थिक सलाहकार परिषद की तरफ से सरकार को भेजी गयी रिपोर्ट पर मुहर लगने के बाद इसमें वायदा कारोबार शुरू हुआ। फिर से शुरू हुए कारोबार के पहले दिन नेशनल कमोडिटीज ऐंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में ग्वार गम और ग्वार सीड में तीखी गिरावट दर्ज की गयी। जहाँ कारोबार के दौरान ग्वार सीड में चढ़ाव के दौर में निफ्टी वायदा 10% तक की गिरावट आयी, वहीं दिन के दौरान ग्वार गम में 8% की गिरावट देखी गयी। अगर बात एनसीडीईएक्स की करें तो ग्वार गम का जुलाई कांट्रैक्ट गिर कर 27280 रुपये प्रति क्विंटल और जून कांट्रैक्ट फिसल कर 28150 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। इससे पहले एनसीडीईएक्स पर ग्वार गम का जून कांट्रैक्ट 30700 रुपये प्रति क्विंटल पर खुला।
दूसरी ओर एनसीडीईएक्स पर ग्वार सीड के कारोबार में भी तेज गिरावट देखी गयी। एनसीडीईएक्स पर ग्वार सीड का जून कांट्रैक्ट गिर कर 9460 रुपये प्रति क्विंटल और जुलाई कांट्रैक्ट 9470 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। इस शुरुआत के पहले दिन एनसीडीईएक्स पर 5664 टन ग्वार सीड और 1014 टन ग्वार गम का कारोबार हुआ। दूसरी ओर कारोबार के पहले दिन एमसीएक्स पर जून कांट्रैक्ट 9505 रुपये और जुलाई कांट्रैक्ट 9445 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। एमसीएक्स में 2136 ग्वार सीड तथा 126 टन ग्वार गम का कारोबार हुआ।
दरअसल काफी समय कारोबार बंद रहने के बाद वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) ने विभिन्न कड़ी शर्तों के साथ ग्वार सीड और ग्वार गम में वायदा कारोबार शुरू करने की अनुमति दे दी है। अगर हम पीछे मुड़ कर देखें तो मार्च 2012 में एनसीडीईएक्स से ग्वार का कारोबार हटाये जाने के समय वायदा में ग्वार गम और ग्वार सीड में भारी मात्रा में कारोबार हो रहा था और इनकी कीमतों में अचानक काफी तेजी आ गयी थी। यहाँ तक कि 21 मार्च 2012 को एनसीडीईएक्स पर ग्वार गम का भाव बढ़ कर 100195 रुपये प्रति क्विंटल और ग्वार सीड का भाव 30533 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। ऐसे में कीमतों में आयी तेजी से बाजार नियामक को संदेह हुआ और इसने 27 मार्च 2012 से ग्वार के वायदा कारोबार पर रोक लगा दी थी। बाजार नियामक का मानना था कि सटोरियों की भूमिका की वजह से ग्वार के कारोबार में अनियमितता आयी थी।
एफएमसी ने एमसीएक्स और एनसीडीईएक्स को ग्वार सीड और ग्वार गम के जून, जुलाई, अक्टूबर व नवंबर कांट्रैक्ट आरंभ करने की अनुमति तो जरूर दी है, लेकिन पारदर्शिता लाने और जोखिम प्रबंधन के लिए एफएमसी की ओर से कारोबार की शर्तों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किये गये हैं। वायदा बाजार आयोग के पारदर्शिता लाने के उपायों के तहत मांगे जाने पर एक्सचेंजों को वायदा कारोबार में लगायी गयी रकम का विस्तृत विवरण भी उपलब्ध कराना होगा। यही नहीं, वायदा एक्सचेंज पर ग्वार सीड और ग्वार गम में निवेशकों के पास स्टॉक पोजीशन की स्थिति और उनके पास हाजिर स्टॉक की जानकारी भी माँगी जा सकेगी। अब निवेशकों को ग्वार में लगायी जाने वाली रकम का स्रोत भी बताना होगा। ग्वार सीड और ग्वार गम में डिलीवरी अनिवार्य की गयी है। साथ ही पूरे कारोबार पर एफएमसी की कड़ी नजर रहेगी।
वहीं दूसरी ओर जोखिम प्रबंधन के लिए ग्वार सीड और ग्वार गम के कांट्रैक्ट में विशेष मार्जिन का प्रावधान वायदा बाजार आयोग की ओर से किया गया है। विशेष मार्जिन का यह प्रावधान इसलिए किया गया है कि कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव न हो। एफएमसी की ओर से तय किये गये फॉर्मूले के अनुसार किसी कांट्रैक्ट की अवधि में अगर कीमतें बढ़ती है तो मार्जिन भी अपने आप बढ़ जायेगा। भाव 20-30% बढऩे पर 10%, 30-40% बढऩे पर 20%, 40-50% बढऩे पर 30% और भाव 50% से ज्यादा बढऩे पर 50% विशेष मार्जिन लगेगा।
बाजार के जानकारों का कहना है कि ग्वार सीड और ग्वार गम में वायदा कारोबार आरंभ होने से किसानों को ग्वार के अंतरराष्ट्रीय भाव मिलेंगे और संबंधित कारोबारियों व उद्योगों को अपने जोखिम का प्रबंधन करने में मदद मिलेगी। चूँकि इस बार ग्वार का उत्पादन अधिक हुआ है, ऐसे में किसानों के पास अभी भी अच्छी मात्रा में ग्वार का स्टाक है। इसका किसानों को फायदा मिल सकता है।
(निवेश मंथन, जून 2013)

2021 के टॉप 5 आईपीओ

इस साल, भारतीय शेयर बाजार में उल्लेखनीय तेजी दर्ज़ हुई, जिसमें बेंचमार्क इंडेक्स अक्टूबर तक साल भर के नए उच्चतम स्तर पर पहुँच गए। उसके बाद, पहले के स्तरों से गिरावट आई, विशेष रूप से नवंबर में ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता लगने के बाद।

हालांकि, जहाँ तक इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) का सवाल है, तो बाजार ने काफी मदद की। पिछले साल का मुख्य बाजार आईपीओ की भारी संख्या से गुलज़ार रहा है। साल 2021 में 62 कंपनियां आईपीओ लेकर आईं। इन कंपनियों ने कुल 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटाए। यह क्लिनिकल साल भी रहा, क्योंकि कुछ सबसे महत्वपूर्ण नए दौर के एंटरप्राइज ने भीआईपीओ के ज़रिये धन जुटाया। हाल के महीनों में ओमिक्रॉन वेरिएंट से जुड़ी चिंता के कारण स्टॉक मार्केट में गिरावट आई, लेकिन इसके बावजूद आईपीओ का प्रवाह स्थिर रहा।

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