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स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान

स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान
स्विंग ट्रेडिंग क्या है – What Is Swing Trading In Hindi

स्विंग ट्रेडिंग क्या होती है? (What is Swing Trading?)

स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading) ट्रेडिंग की एक शैली है जो कुछ दिनों से लेकर कई हफ्तों तक स्टॉक (या किसी भी वित्तीय साधन) में लघु से मध्यम अवधि के लाभ को पकड़ने का प्रयास करती है। व्यापार के अवसरों की तलाश के लिए स्विंग व्यापारी मुख्य रूप से तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करते हैं।

मूल्य प्रवृत्तियों और पैटर्न का विश्लेषण करने के अलावा स्विंग व्यापारी मौलिक विश्लेषण का उपयोग कर सकते हैं।

प्रमुख बिंदु :

स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading) में एक प्रत्याशित मूल्य चाल से लाभ के लिए कुछ दिनों से लेकर कई महीनों तक चलने वाले ट्रेडों को शामिल किया जाता है।स्विंग ट्रेडिंग एक व्यापारी को रात भर और सप्ताहांत के जोखिम के लिए उजागर करती है, जहां कीमत में अंतर हो सकता है और बाजार अगले सत्र को काफी अलग कीमत पर खुल सकता है।

स्विंग ट्रेडर्स स्टॉप लॉस (Stop Loss) और प्रॉफिट टारगेट के आधार पर एक स्थापित जोखिम/इनाम अनुपात का उपयोग करके लाभ ले सकते हैं, या वे तकनीकी संकेतक या मूल्य कार्रवाई आंदोलनों के आधार पर लाभ या हानि ले सकते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग को समझना ( Understanding Swing Trading)

आमतौर पर, स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading) में एक से अधिक ट्रेडिंग सत्र के लिए या तो लंबी या छोटी स्थिति धारण करना शामिल होता है, लेकिन ये आमतौर पर कई हफ्तों या कुछ महीनों से अधिक नहीं होता है। यह एक सामान्य समय सीमा है, क्योंकि कुछ ट्रेड कुछ महीनों से अधिक समय तक चल सकते हैं, फिर भी व्यापारी उन्हें स्विंग ट्रेडों पर विचार कर सकते हैं। स्विंग ट्रेड एक ट्रेडिंग सत्र के दौरान भी हो सकते हैं, हालांकि यह एक दुर्लभ परिणाम है जो अत्यंत अस्थिर परिस्थितियों के कारण होता है।

स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading) का लक्ष्य संभावित मूल्य चाल के एक हिस्से पर कब्जा करना है। जबकि कुछ व्यापारी बहुत सारे आंदोलन के साथ अस्थिर स्टॉक की तलाश करते हैं और कुछ अन्य व्यापारी अधिक शांत स्टॉक पसंद कर सकते हैं। किसी भी मामले में, स्विंग ट्रेडिंग यह पहचानने की प्रक्रिया है कि किसी परिसंपत्ति की कीमत आगे बढ़ने की संभावना है और स्टॉक एक स्थिति में प्रवेश कर रहा है, और फिर उसमे व्यापारी को लाभ दिख रहा है।

सफल स्विंग ट्रेडर केवल अपेक्षित मूल्य चाल के एक हिस्से पर कब्जा करना चाहते हैं, और फिर अगले अवसर पर आगे बढ़ते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान ( Advantages and Disadvantages of Swing Trading)

कई स्विंग ट्रेडर ट्रेडों का मूल्यांकन जोखिम/इनाम के आधार पर करते हैं। एक परिसंपत्ति के चार्ट का विश्लेषण करके वे निर्धारित करते हैं कि वे कहां प्रवेश करेंगे, जहां वे स्टॉप लॉस (Stop Loss) रखेंगे, और फिर अनुमान लगाएंगे कि वे लाभ के साथ कहां से बाहर निकल सकते हैं। यदि वे एक सेटअप पर ₹ 1 प्रति शेयर का जोखिम उठा रहे हैं जो उचित रूप से ₹ 3 लाभ उत्पन्न कर सकता है, तो यह एक अनुकूल जोखिम/इनाम अनुपात है। दूसरी ओर, केवल ₹1 को जोखिम में डालकर ₹ 0.75 बनाना उतना अनुकूल नहीं है।

ट्रेडों की अल्पकालिक प्रकृति के कारण, स्विंग व्यापारी मुख्य रूप से तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करते हैं। विश्लेषण को बढ़ाने के लिए मौलिक विश्लेषण का उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि एक स्विंग ट्रेडर किसी स्टॉक में तेजी की स्थिति देखता है, तो वे यह सत्यापित करना चाहते हैं कि परिसंपत्ति के मूल तत्व अनुकूल दिखते हैं या इसमें सुधार भी हो रहा है।

स्विंग ट्रेडर्स अक्सर दैनिक चार्ट पर अवसरों की तलाश करेंगे और सटीक प्रविष्टि, स्टॉप लॉस (Stop Loss) और टेक-प्रॉफिट स्तर खोजने के लिए 1-घंटे या 15-मिनट के चार्ट देख सकते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग की योग्यता :

इसे दिन के कारोबार की तुलना में व्यापार करने के लिए कम समय की आवश्यकता होती है।

यह बाजार के बड़े उतार-चढ़ाव पर कब्जा करके अल्पकालिक लाभ क्षमता को अधिकतम करता है।

व्यापारी विशेष रूप से तकनीकी विश्लेषण पर भरोसा कर सकते हैं, व्यापार प्रक्रिया को सरल बना सकते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग के दोष :

व्यापार की स्थिति रातोंरात और सप्ताहांत बाजार जोखिम के अधीन हैं।

बाजार में अचानक उलटफेर से काफी नुकसान हो सकता है।

स्विंग ट्रेडर्स अक्सर शॉर्ट-टर्म मार्केट मूव्स के पक्ष में लंबी अवधि के रुझानों को याद करते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग क्या है ? – Swing Trading In Hindi | [2022] Swing Trading की शुरुआत कैसे करें

स्विंग ट्रेडिंग क्या है ? Swing Trading की शुरुआत कैसे करें – Swing Trading In Hindi , Swing Trading क्या है ? ,स्विंग ट्रेडिंग कैसे शुरू कर सकते है ? स्विंग ट्रेडिंग कैसे करे ?स्विंग ट्रेडिंग के जोख़िम और स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान फ़ायदे – कुछ लोग आज Share खरीद कर आज ही बेच देते है और कुछ आज खरीदकर 1 महीने बाद बेचेंगे। Stock Market में बहुत तरह की Trading Style होती है आज मैं आपको Swing Trading के बारे में बताऊंगा की स्विंग ट्रेडिंग क्या है – (Swing Trading क्या है – What Is Swing Trading In Hindi)

स्विंग ट्रेडिंग शेयर मार्किट की सबसे लोकप्रिय ट्रेडिंग स्टाइल में से एक है यह दूसरी Trading Techniques से ज्यादा आसान और Effective (प्रभावी) है आइये जानते है की स्विंग ट्रेडिंग क्या होती है What Is Swing Trading In Stock Market.

इस Post को पूरा पढ़े आपको इन सभी प्रश्नों का उत्तर मिल जायेगा। Swing Trading क्या है ? , स्विंग ट्रेडिंग कैसे शुरू कर सकते है ? स्विंग ट्रेडिंग कैसे करे ? स्विंग ट्रेडिंग के जोख़िम और फ़ायदे , Swing Trading Tips In Hindi

स्विंग ट्रेडिंग क्या है - What Is Swing Trading In Hindi

स्विंग ट्रेडिंग क्या है – What Is Swing Trading In Hindi

स्विंग ट्रेडिंग क्या है – What Is Swing Trading In Hindi

स्विंग ट्रेडिंग क्या होती है: Swing Trading Kya Hai जब किसी शेयर को खरीदकर कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक रखकर बेच दिया जाता है तो इसे स्विंग ट्रेडिंग कहते है Swing Trading में Shares की Delivery ली जाती है इसलिए इसे Delivery Based Trading भी कहते है।

स्विंग ट्रेडिंग में पोजीशन को Overnight Carry किया जाता है जिसका अर्थ है की Swing Trading में पोजीशन को कम से कम एक रात के लिए रखा जाता है आज खरीद कर कल बेच दे या 1 हफ्ते बाद बेच दे या 1 महीने बाद बेच दे तीनों ही कंडीशन में इस ट्रेड को Swing Trade कहेंगे।

Swing Trading को Monthly Trading भी कहते है क्योंकि एक महीने के अंदर Share को खरीद स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान कर बेचना होता है Swing Trading से महीने का 5% से 10% तक Return कमाया जा सकता है।स्विंग ट्रेडिंग में Technical Analysis और Fundamental Analysis दोनों का उपयोग किया जाता है

स्विंग ट्रेडिंग कैसे शुरू कर सकते है ? How To Start Swing Trading

How To Start Swing Trading In Stock Market:Swing Trading करने के लिए किसी भी ब्रोकर के पास ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खुलवाना होता है ट्रेडिंग अकाउंट शेयर को खरीदने के लिए और डीमैट अकाउंट ख़रीदे हुए शेयर्स को रखने के लिए जरूरी होता है।

स्विंग ट्रेडिंग कैसे करे – Swing Trading Kaise Kare

Support And Resistance: Swing Trading में Support And Resistance का बहुत बड़ा योगदान होता है कोशिश यही करनी चाहिए की सपोर्ट पर ब्रेकआउट के बाद ख़रीदे और रेजिस्टेंस पर ब्रेकडाउन पर बेचे।

News Based Stock: एक स्विंग ट्रेडर ऐसे स्टॉक्स को चुनता है जिसमें बाजार की किसी खबर का असर हो और उस खबर की वजह से वह स्टॉक किसी एक दिशा में ब्रेकआउट देने की तैयारी में हो या ब्रेकआउट दे चूका हो वह खबर बुरी या अच्छी किसी भी प्रकार की हो सकती है खबर अच्छी हुई तो ऊपर की तरफ Breakout होगा नहीं तो नीचे की तरफ Breakdown होगा।

Swing Trading Technique: स्विंग ट्रेडिंग के लिए हमेशा High Liquidity Share चुनना चाहिए इसके अलावा शेयर में Entry और Exit के लिए MACD, ADX और Fast Moving Average का उपयोग कर सकते है।

स्विंग ट्रेडिंग के जोख़िम और फ़ायदे – Swing Trading Risk And Benefits

Monthly Income(Monthly P&L): स्विंग ट्रेडिंग से Monthly Income कमायी जा सकती है प्रॉफिट हुआ या लोस्स ये महीने के अंत में ही पता चल जाता है

Margin: स्विंग ट्रेडिंग के लिए ब्रोकर द्वारा मार्जिन नहीं मिलता है पूरा पैसा अपनी जेब से लगाना पड़ता है इसलिए जिनके पास कम पैसा है वो स्विंग ट्रेडिंग से ज्यादा कमा नहीं सकते है आम तौर पर स्विंग ट्रेडिंग के लिए कम से कम 2 से 5 लाख रुपये की आवश्यकता होती है।

Overnight Holding Risk: स्वींग ट्रेडिंग में Overnight Holding Risk होता है कई बार किसी न्यूज़ की वजह से मार्किट Gap Up या Gap Down Open होता है जिसकी वजह से आकस्मिक लाभ या हानि हो सकती है ऐसी लाभ या हानि का पहले अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।

Wrong Trade: स्विंग ट्रेडिंग का सबसे बड़ा नुकसान यही है की अगर ऐसे शेयर में ट्रेड ले लिया जिसमें ज्यादा मूवमेंट न हो तो आपका एक महीना बर्बाद भी हो सकता है क्योंकि स्वींग ट्रेडिंग में Share को कुछ हफ्तों तक होल्ड करके रखा जाता है।

Swing Trading Tips In Hindi

  1. ट्रेंड को कन्फर्म करे और हमेशा मार्किट की दिशा में ही ट्रेड करें Strength पर Buy करें और Weakness पर Sell करें।
  2. स्विंग ट्रेडिंग के लिए एक अच्छा ट्रेडिंग प्लान बनाये जिसमे Entry, Exit, Stop Loss, Target ये सभी शामिल होने चाहिए।
  3. ऐसे किसी भी शेयर में स्विंग ट्रेड न ले जिसमे 10% से ज्यादा Move आ चूका हो क्योंकि वहां से वह शेयर अपनी दिशा बदल भी सकता है।
  4. जिस शेयर में Trade ले रहे है उसका VAR (Value At Risk) जरूर चेक करे क्योंकि VAR से यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है की अगर वह ट्रेड गलत हुआ तो कितना नुकसान हो सकता है।

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Conclusion:-

Swing Trading को ट्रेडिंग का King भी कहते है क्योंकि इसमें बाकि ट्रेडिंग स्टाइल की तुलना में Risk कम होता है और Profit की संभावना ज्यादा होती है कोई भी ट्रेडर जो Stock Market में नया होता है उसे स्विंग ट्रेडिंग से ही अपने ट्रेडिंग करियर की शुरुआत करने के सलाह दी जाती है।

आशा करता हु की ये आर्टिकल Swing Trading क्या है – Swing Trading In Hindi आपको उपयोगी लगा होगा अगर अभी भी आपका कोई सवाल या सुझाव है स्विंग ट्रेडिंग क्या है – What Is Swing Trading In Stock Market से जुड़ा हुआ तो कमेंट में बता सकते है।

स्विंग ट्रेडिंग क्या है और कैसे करे? Swing Trading in Hindi

swing trading

आज बहुत सारे लोग शेयर मार्केट कि ओर आकर्षित हो रहे है। एक नए ट्रेडर को हमेशा से ही इंट्राडे और स्विंग ट्रेडिंग को लेकर काफी डाउट रहते है। पिछले पोस्ट में हमने इंट्राडे क्या है, इस विषय पर चर्चा किया था। आज इस आर्टिकल में हम स्विंग ट्राडिंग के ऊपर बात स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान करेंगे। आज इस पोस्ट में हम जानेंगे स्विंग ट्रेडिंग क्या है, स्विंग ट्रेडिंग कैसे करते है ओर भी स्विंग ट्रेडिंग से जुड़ी बातें।

    [संपूर्ण जानकारी]

स्विंग ट्रेडिंग क्या है? Swing Trading in Hindi

लोग इंट्राडे ट्रेडिंग और स्विंग ट्रेडिंग को एक ही समझ लेता है। लेकिन दोनों काफी भिन्न है।

इंट्राडे ट्रेडिंग में आप स्टॉक को intraday में खरीदते है और एक दिन अंदर ही उसे सेल करना होता है।

लेकिन स्विंग में आप स्टॉक को कुछ समय के होल्ड कर पाते है। अगर आप किसी स्टॉक को खरीदकर एक दिन से ज्यादा समय तक होल्ड करते हो तो उसे स्विंग ट्राडिंग कहा जाता है।

अगर आप किसी भी स्टॉक को एक दिन या उससे ज्यादा समय या कुछ हप्ते तक होल्ड करते हो तो उसे स्विंग ट्रेडिंग कहाँ जाएगा।

Swing ट्रेडिंग का अर्थ

सिम्पली अगर हम स्विंग के अर्थ गूगल में सर्च करते है तो इसका अर्थ आता है झोला।

स्विंग ट्राडिंग का अर्थ शेयर मार्किट में स्टॉक के पोजीशन को दर्शाते हैं।

अगर किसी भी स्टॉक खरीदकर एक से ज्यादा दिन portfolio में रखा जाए तो उसे स्विंग ट्रेडिंग कहा जायेगा।

स्विंग ट्रेडिंग कितने दिनों के लिए किया जाता है?

स्विंग ट्रेडिंग में स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान स्टॉक को कुछ समय के लिए होल्ड किया जाता है। इसमे आप शेयर को एक दिन या उससे ज्यादा समय तक भी होल्ड कर सकते हो। स्विंग ट्रेडिंग में शेयर के होल्डिंग कोई हप्ते तक भी कर सकते हो। और उसी बीच कुछ प्रतिशत प्रॉफिट बुक करके आप square off भी कर सकते हो

स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक को कैसे चुने?

दरअशल स्विंग ट्रेडिंग में ज्यादातर लोग स्टॉक सिलेक्शन टेक्निकल एनालिसिस से ही करते है। इसमें fundamental analysis के ज्यादा रोल नही होते। क्योंकि इसमें आपको थोड़े प्रॉफिट ही बूक करना होता है।

स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक के चुनाव हमेशा nifty 50 या bank nifty से करे। ऐसे स्टॉक के ओर जाए जिसमे ज्यादा मूवमेंट हो। चार्ट को हमेशा सिंपल रखे और ज्यादा indicator से दूर रहे।

हमेशा मार्किट ट्रेंड को फॉलो करें और sideway market से दूर रहे।

स्विंग स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान ट्रेडिंग के कैसे करें?

स्विंग ट्रेडिंग एक तरह का पोसिशनल ट्रेडिंग ही होते है। इसमे स्टॉक को शर्ट टाइम के लिए होल्ड किया जाता है।

स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक buy आपको डिलीवरी में करना पड़ेगा। इसके लिए आपको पहले किसी भी एक ब्रॉकर के साथ जॉइन होकर डेमेंट अकाउंट क्रिएट करना पड़ेगा। डेमेंट एकाउंट क्रिएट होने के बाद आप वहाँ जाकर स्टॉक आर्डर लगा सकते हो।

इन स्टॉक को आपको delivery पर buy करना पड़ेगा और एक दिन जाने के बाद स्टॉक पोजीशन से हटकर protfolio में चला जायेगा। जिसे आप किसी भी समय exit यानी सेल कर सकते हो।

स्विंग ट्रेडिंग के लाभ

  • यह इंट्राडे ट्रेडिंग के तुलना में कम रिस्क है, क्योंकि इसमें आपको काफी समय मिल जाते है।
  • स्विंग ट्रेडिंग में स्टॉक को एक दिन या कोई हप्तों तक रख सकते हो। यानी कि आपको सारे दिन चाट निकलकर बैठे रहने के जरूरत नही पड़ते।
  • स्विंग ट्रेडिंग को पार्ट टाइम कर सकते है। इसे बिज़नेस या जॉब करें लोग भी कर पाते है।
  • स्विंग ट्रेडिंग में छोटे – छोटे रिटर्न्स वार्षिक में एक अच्छा रिटर्न्स बन जाता है।
  • स्विंग ट्राडिंग के लिए ज्यादा फंडामेंटल एनालिसिस की जरूरत नही होते। आपको अगर टेक्निकल एनालिसिस आता है तो तब भी आप इससे पैसा बना सकते हो।
  • स्विंग ट्रेडिंग इंट्राडे के तुलना में कम noisy होते है।

स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान

  • अख्शर देखा जाता है कि मार्किट बहुत ज्यादा gap down ओपन होते है। जिससे ट्रेडर को लोस होने के चांस रहते है।
  • इंट्राडे के हिसाब से इसमे बहुत कम रिटर्न्स मिलते है।
  • इंट्राडे के तरह स्विंग में किसी तरह मार्जिन नही मिलते। स्विंग ट्रेडिंग में overnight और वीकेंड रिस्क शामिल रहता है।

Conclusion

अगर एक नए बंदे शेयर मार्केट में निवेश स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान के बारे सोच रहे हो तो उसके लिए स्विंग ट्रेडिंग बेस्ट रहते है। क्योंकि इसमें इंट्राडे के तुलना में कम रिस्क होते है।

तो दोस्तो मुझे उम्मीद है स्विंग ट्रेडिंग क्या है (Swing Trading In Hindi) यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। आर्टिकल पसंद आया है तो हमे कमेंट जरूर करे जिससे हमें अनुप्रेणा मिलते है।

Suraj Debnath

असम के निवासी सूरज देबनाथ इस ब्लॉग के संस्थापक है। इन्होने विज्ञान शाखा में स्नातक किया हुआ है। इन्हें शेयर मार्किट, टेक्नोलॉजी, ब्लोगिंग ,पैसे कमाए जैसे विषयों का काफी अनुभव है और इन विषयों पर आर्टिकल लिखते आये है। Join Him On Instagram- Click Here

Swing Trading Kya Hai? Swing trading से पैसे कमाने की आसान स्ट्रैटेजी।

स्विंग ट्रेडिंग क्या है इस post कि सहायता से हम ऐसी Trading Strategy (Swing Trading Kya Hai) को जानने वाले हैं, जिससे एक आम आदमी ,एक Common man दिन के 15 से 20 मिनट काम करके स्टॉक मार्केट से 5 से 10 दिनों में एक अच्छा खासा इनकम प्राप्त कर सकता है।

तो चलिए जानते हैं कि Swing Trading Kya Hai?

Table of Contents

स्विंग ट्रेडिंग क्या है? Swing Trading Kya Hai? What Is Swing Trading?

स्टॉक मार्केट के खुलते ही जब किसी कंपनी के शेयर को खरीद कर कुछ हफ्तों या कुछ दिनों के लिए अपने डिमैट या ट्रेडिंग अकाउंट पर रखते हैं तथा प्रॉफिट प्राप्त होने पर उसे बेच देते हैं स्विंग ट्रेडिंग कहलाता है।

स्टॉक मार्केट में 5 से 10 दिन की ट्रेडिंग को स्विंग ट्रेडिंग कहते है।

SWING TRADING KYA HAI

स्विंग ट्रेडिंग कैसे करें ?

स्विंग ट्रेडिंग करने के लिए आपको ट्रेडिंग अकाउंट खोलने की आवश्यकता होती है।

ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के बाद आपको मार्केट को एनालाइज करना होगा तथा अच्छा स्टॉक चुनना होगा।

बाजार को अच्छी तरह समझने के बाद अपने कैपेसिटी के हिसाब से जोखिम लेना होता है क्योंकि कई बार स्टॉक मार्केट में सही रणनीति(Swing Trading Kya Hai) और सही स्ट्रैटेजी के बाद भी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रेडिंग करने के लिए आपका रिस्क मैनेजमेंट होना बहुत ही जरूरी है।

स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक कैसे चुने?

बाजार की दिशा,

स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading Kya Hai) करने के लिए कुछ ट्रेलर मार्केट के Trend को फॉलो करते हैं ।

जो कि एक अच्छी बात है तथा ट्रेंड को फॉलो करने के साथ-साथ हमें कंपनी के परफॉर्मेंस उनकी खबरों को भी अपने नजर में रखना चाहिए ताकि कुछ गलत न्यूज़ आने से अपना प्रॉफिट बुक कर सकें और अपना पोजीशन काट सकें।

तरलता या Liquidity

liquidity एक ट्रेडर के लिए एक अच्छा पैमाना हो सकता है क्योंकि जिस शेयर में अधिक खरीदी बिक्री होती है वहां positions के फसने या नुकसान का chance बहुत ही कम होता है तथा हम अपने Share को आसानी से खरीद व बेच कर मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं ।

अन्य स्टॉक के साथ तुलना,

स्टॉक की तुलना हम जिस शेयर को खरीद रहे हैं उसके सेक्टर के अन्य स्टाक के साथ शेयर की तुलना करते हैं जिससे हमें सेक्टर के बेस्ट स्टॉक प्रात हो जाता है।

स्टॉक का ट्रेडिंग पैटर्न

कोई भी ट्रेडर किसी कंपनी के शेयर को चुनने से पहले उसके प्रीवियस ट्रेडिंग पैटर्न को देखता है
वह उसके उतार चढ़ाव को देखता है कि वह भविष्य में यह stock कैसा position बना सकता है ताकि वह एक अच्छा स्टॉक का सिलेक्शन कर सके है।और अच्छा मुनाफा बना सके।

कम बदलाव वाले स्टॉक

, ज्यादातर ट्रेडर अधिक उतार-चढ़ाव वाले या जंपी स्टाक को पसंद नहीं करते है।

क्योंकि उसमें स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान पोजीशन बनाना थोड़ा रिस्की हो जाता है इसीलिए हमें अपने स्विंग ट्रेडिंग के लिए कम जंपी स्टॉक का सलेक्सन करना चाहिए
ताकि हम उसके चार्ट पेटर्न को समझ सके और अच्छा प्रॉफिट बना सकें।

स्विंग ट्रेडिंग स्ट्रेटजी

अगर आप एक अच्छा ट्रेडर (Swing trading kya hai)बनना चाहते हैं तो आप अपनी ट्रेडिंग जर्नी में एक स्ट्रैटेजी को अच्छी तरह से फॉलो करें ।

ताकि आप अपने निवेशित राशि पर अच्छा अच्छा खासा रिटर्न प्राप्त कर सकें ।
एक सही स्विंग ट्रेडिंग रणनीति से एक ट्रेडर 5 से 10 परसेंट रिटर्न एक स्टॉक से कुछ ही दिनों में प्राप्त कर सकता है।

देखने में यह बहुत छोटा मुनाफा हो सकता है लेकिन कुछ दिनों कुछ हफ्तों में इतना मुनाफा सही है।

इसी तरह बढ़ता हुआ लाभ लेने के लिये ट्रेडिंग के अन्य रूपों में 7-8 % की तुलना में स्टॉपलॉस 2-3% होना चाहिए इसका मतलब यह है कि risk riward resio 1:2 या 1:3 होना चाहिए।

स्विंग ट्रेडिंग स्ट्रेटजी निम्नलिखित है:-

चार्ट पेटर्न स्ट्रैटेजी

सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस
हेड एंड सोल्डर पैटर्न
डबल टॉप व ट्रिपल टॉप पैटर्न
डबल बॉटम व ट्रिपल बॉटम पैटर्न
इनवर्टेड हेड एंड सोल्डर
कप एंड हैंडल
असेंडिंग ट्रेंगल व डिसेंडिंग ट्रेंगल

स्विंग ट्रेडिंग इंडिकेटर

RSI
MACD
MOVING AVERAGE
BOLINGER BAND
SUPER TRED

स्विंग ट्रेडिंग के फायदे व नुकसान

Swing Trading के फायदे

कम समय में प्रॉफिट मिल जाता है।

कम प्रॉफिट का टारगेट होने के कारण टारगेट हिट होने की संभावना बढ़ जाती है।

स्टॉक में एंट्री करने के लिए स्टॉक के गिरने का इंतजार करना नहीं पड़ता।

स्टॉक के फंडामेंटल स्ट्रांग होने के कारण नुकसान होने की संभावना कम रहती है

यह एक कम तनाव वाली strategy है।

अगर आप शेयर बाजार में नए हैं तो इसको आप ट्राई कर सकते हैं।

Swing Trading के नुकसान

छोटे अवधि में ही स्टॉक से प्रॉफिट प्राप्त कर बाहर निकल जाने के कारण बड़ा प्रॉफिट नहीं मिल पाता है।

स्टॉक से जुड़ी रोजाना अच्छी व पूरी खबर आने के कारण स्टॉक में उतार-चढ़ाव व, गैप अप और गेप डाउन का खतरा रहता है।

ट्रेडिंग करने वालों को धैर्य के साथ स्टॉक को पकड़ कर रखे रहने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

आज हमने क्या सीखा ?
आज हमने सीखा कि Swing Trading Kya Hota Hai. और हम इसे कहां से और कैसे कर सकते हैं। स्विंग ट्रेडिंग करने के क्या फायदे और क्या नुकसान होते हैं।

मैं आशा करता हूं की आपको यह पोस्ट Swing Trading Kya Hota Hai पढ़कर Swing Trading से जुड़े सारे सवालों के जवाब मिल गए होंगे और मैंने पूरी कोशिश की है कि आपके मन में Swing trading से लेकर जो सवाल है वो सब इस पोस्ट के माध्यम से आप तक पहुँचा सकूँ।

यदि आपके मन में कुछ सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में अपने सवाल पूछ सकते है मैं आपके सवालों के जवाब देने की पूरी कोशिश करूंगा और इस पोस्ट को जितना हो सके उतना शेयर करें ताकि सभी लोगों को स्टॉक मार्केट,व ट्रेडिंग और उससे जुड़ी सभी जानकारियां सभी तक पहुंचते रहें और सभी आप अपना प्यार ऐसे ही बनाए रखें।

What is Trading in Hindi – ट्रेडिंग क्या होता है? ट्रेडिग कितने प्रकार के होते हैं? और 2022 में ट्रेडिंग कैसे सीखें?

What is Trading in Hindi – ट्रेडिंग क्या होता है? ट्रेडिग कितने प्रकार के होते हैं? और 2022 में ट्रेडिंग कैसे सीखें : दोस्तों क्या आप भी शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करके पैसा कमाना चाहते हैं? ऐसे में हम आपको बता दे कि आज कल हर व्यक्ति शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के जरिए कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाना चाहता है। यदि आप भी उन लोगों में शामिल है, तो हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित होगा।

जिसमें हम आपको बताएंगे कि ट्रेडिंग क्या होता हैं? ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते हैं? और वर्तमान समय में ट्रेडिंग करना कैसे सीखा जाए? जानते हैं इन सभी तथ्यों के बारे में इसके लिए हमारे आर्टिकल को अंत तक पढ़े।

What is Trading in Hindi

What is Trading in Hindi - ट्रेडिंग क्या होता है

सबसे पहले जानते हैं कि

ट्रेडिंग क्या होता है? (What is Trading in Hindi)

यदि हम इसे आसान शब्दों में बताएँ तो ट्रेडिंग का मतलब व्यापार करना होता है। जैसे कि किसी वस्तु को खरीदकर उसे बेच देना ट्रेडिंग कहलाता है। यदि आप किसी कंपनी के शेयर को खरीदते हैं और 1 साल बाद उसे बेच देते हैं, तो इसे स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग कहते हैं। मान लीजिए आप शेयर मार्केट में 1000 रुपए लगाते हैं और उसे 1200 रुपए में बेच देते हैं, तो इसी प्रक्रिया को ट्रेडिंग कहा जाता है। आज के समय बहुत सारे व्यक्ति स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। लेकिन हम आपको बता दें इसमें वित्तीय जोखिम की संभावना रहती है। इसलिए जब भी आपको शेयर स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान मार्केट में ट्रेडिंग करना हो तो अपने जिम्मेदारी पर करें।

ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते हैं?

हम आपको बता दें कि स्टॉक मार्केट में मुख्यतः चार प्रकार के ट्रेडिंग होते हैं-

  1. इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday trading)
  2. स्विंग ट्रेडिंग (Swing trading)
  3. शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग (short term trading)
  4. लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग (Long term trading)

ट्रेडिंग कितने प्रकार के होते हैं

इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday trading)

शेयर मार्केट में 9: 15 से लेकर 3: 30 के अंदर यदि आप कोई शेयर खरीद कर बेच देते हैं, तो इसे इंट्राडे ट्रेडिंग कहा जाता है। यदि हम इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान के बारे में बात करें तो इसके फायदे और नुकसान निम्नलिखित किस प्रकार है।

इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे

दोस्तों इंट्राडे ट्रेडिंग उन लोगों के लिए फायदे का सौदा हो सकता है जो एक अच्छे स्टॉक को खरीदते हैं। हम आपको पता है दे कि यदि आपने एक अच्छा स्टॉक खरीदते हो तो पर डे 10000 रुपए आसानी से कमा सकते हैं।

इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान

यदि हम इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान के बारे में बात करें तो दोस्तों इसमें स्टॉक खरीदने के बाद आप जितना फायदा कमाने की उम्मीद रखते हैं। इसमें नुकसान होने के चांस भी ठीक उतना ही है। इसलिए आप स्टॉक मार्केट को सही तरीके से एनालिसिस करके अपने पैसे इन्वेस्ट करें।

स्विंग ट्रेडिंग (Swing trading)

इस ट्रेडिंग के जरिए आप शेयर मार्केट से कोई भी स्टॉक खरीद के कुछ दिनों या हफ्तों बाद बेच देते है। स्विंग ट्रेडिंग कहलाता है। स्विंग ट्रेडिंग में एक ट्रेडर का लक्ष्य होता है कि वह छोटे-छोटे प्रॉफिट के साथ लंबे समय में अच्छा इनकम हासिल करें।

स्विंग ट्रेडिंग के फायदे

स्विंग ट्रेडिंग के जरिए आप अपने निवेश पर 5% से लेकर 10% तक मुनाफा कमा सकते हैं। यदि हम इसे कम अवधि के नजरिए से देखे तो आपके लिए मुनाफे का सौदा है। इसके अलावा इसमें दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि ट्रेडर को पूरा दिन लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने बैठने की आवश्यकता भी नहीं है।

स्विंग ट्रेडिंग के नुकसान

स्विंग ट्रेडिंग का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसमें लाभ कमाने के लिए ज्यादा टाइम स्टॉक मार्केट के तकनीकी का विश्लेषण करना पड़ता है। यदि आप इन तकनीकी या चार्ट को अच्छी तरह देखकर पैसा इन्वेस्ट नहीं करते हैं, तो भारी नुकसान होने का चांस रहता है।

शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग (short term trading)

दोस्तों यदि कोई भी शेयर मार्केट में पैसे इन्वेस्ट करता है तो उसका लक्ष्य कम समय में लाभ अर्जित करना होता है। यदि हम शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग की बात करें तो इसमे ट्रेडर कम समय के अंदर ज्यादा मुनाफा कमाना चाहता है। इसमें ट्रेडर कम समय से लेकर हफ्ते भर के लिए भी स्थिति के अनुसार ट्रेडिंग करता है। शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग के अपेक्षा नुकसान का ज्यादा चांस रहता है।

शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के फायदे

शॉर्ट टर्म के जरिए बहुत सारे निवेशकों ने अच्छी तरह एनालिसिस करके अच्छा मुनाफा कमाया है। शॉट टर्म ट्रेडिंग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यदि आप शॉर्ट टर्म में स्टॉक पर अच्छी तरह रिसर्च करके निवेश करते हैं तो लाभ कमाने के ज्यादा चांस रहते हैं।

शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के नुकसान

यदि आपको शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में ज्यादा अनुभव हो तो तभी निवेश करें। वरना इसमें नुकसान होने के ज्यादा चांस रहते हैं। शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में निवेश करने से पहले स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। क्योंकि शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में जोखिम ज्यादा रहता है।

लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग (Long term trading)

जैसे कि इसके नाम से ही पता चलता है कि लंबे समय के लिए ट्रेडिंग यदि ऐसे में आप लंबे समय के लिए कोई स्टाक खरीदते हैं, जैसे कि 1 साल या उससे ज्यादा समय के लिए तो इसे लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग कहते हैं।

लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग के फायदे-

लोंग टर्म ट्रेडिंग में यदि आप 1 साल से ज्यादा समय के लिए ट्रेड करते हैं तो निवेशक टैक्स फ्री हो जाता है। लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग में निवेशक को लाभ अर्जित करने का ज्यादा चांस रहता है। हम आपको बता दें कि ज्यादातर लोग लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग में ही निवेश करने पर भरोसा रखते हैं।

लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग के नुकसान-

स्टॉक मार्केट में किसी भी प्रकार का ट्रेडिंग हो उसमें रिस्क तो होता ही हैं। लेकिन बाकी स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग के तुलना में लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग में नुकसान होने के चांस थोड़ा कम होता है। यदि ऐसे में आप निवेश करते समय एक अच्छा स्टॉक सिलेक्ट नहीं करते हैं तो लॉन्ग टर्म में भी नुकसान होने का रिस्क बढ़ जाता है।

2022 में ट्रेडिंग करना कैसे सीखे?

शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने के लिए इसके विषय में नॉलेज की आवश्यकता होती है और ऐसे में स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने के लिए आपको लंबे अभ्यास की आवश्यकता होती है। तभी आप मुनाफा कमा सकते हैं। यदि आप स्टॉक मार्केट में कैसे ट्रेडिंग किया जाता है, इसके बारे में सीखना चाहते हैं तो यूट्यूब पर कई सारे फ्री में कोर्स कराए जाते हैं। जहाँ आप आसानी से ट्रेडिंग करना सीख सकते हैं।

इसके अलावा यदि आपको किताबें पढ़ना ज्यादा पसंद है, तो किताबें पढ़कर भी शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करना सीख सकते हैं। यह किताबे मार्केट में आसानी से 500 रुपए से लेकर 1000 रुपए में मिल जाती है। हम आपको बता दें कि इन किताबों में ट्रेडिंग के बारे में बहुत सारे एक्सपीरियंस सीखने को मिलते हैं। इसलिए किताबों के माध्यम से ट्रेडिंग सीखना एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

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अंतिम शब्द

दोस्तों हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से शेयर मार्केट से जुड़े ट्रेडिंग के बारे में अच्छी तरह समझाया है। ऐसे में हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह आर्टिकल (What is Trading in Hindi – ट्रेडिंग क्या होता है? ट्रेडिग कितने प्रकार के होते हैं? और 2022 में ट्रेडिंग कैसे सीखें?) पसंद आया होगा।

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