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जोश में निवेशक

जोश में निवेशक
Investment Tips: एक सफल निवेशक बनना है तो इस नवरात्रि महिला निवेशकों से तीन जरूरी खूबियां सीखने का एक अच्छा समय है.

'निवेशक'

आज सुबह 11:20 बजे के करीब सेंसेक्स 0.18% के नुकसान के साथ 61,672.90 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है जबकि निफ्टी 0.07 फीसदी की गिरावट के साथ 18,45.25 पर कारोबार करता दिख रहा है. सेंसेक्स की कंपनियों में पावर ग्रिड, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट लाभ में थे.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान को निवेश के लिए पूरी तरह अनुकूल करार देते हुए निवेशकों से यहां अधिक से अधिक निवेश करने का आह्वान किया.

यदि आप क्रिप्टो निवेशक हैं, तो आपको यह पता ही होगा कि किसी भी क्रिप्टोकरेंसी की कीमत उसकी मार्केट कैप और टोकन सप्लाई के गणित द्वारा निर्धारित की जा सकती है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उद्योगों को सुविधा देने के मामले में कर्नाटक और खासतौर से बेंगलुरु का रिकॉर्ड काफी बेहतर है. इस वजह से निवेशक राज्य में आने के इच्छुक हैं.

मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक के शेयरधारक मेटावर्स पर स्पेंडिंग के लिए अधिक भुगतान कर रहे हैं. पिछले एक साल में फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा की मार्केट वेल्यू 520 बिलियन डॉलर तक गिर गई है. अब यह 20 सबसे बड़ी अमेरिकी कंपनियों की रैंक से बाहर होने के कगार पर है. उसके लिए हालात आसान होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. मेटा का स्टॉक प्रीमार्केट ट्रेडिंग में 23 फीसदी तक गिर गया है. निवेशक मेटा के वर्चु्अल रियलिटी वर्जन में इनवेस्ट नहीं करने के लिए प्रेरित हुए हैं और उसके रेवेन्यू में गिरावट आई है.

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के समक्ष कई चुनौतियां हैं और मौजूदा वैश्विक स्थिति में विदेशी निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं.

निवेशक दीर्घकाल में निवेश में वृद्धि को लेकर म्यूचुअल फंड में नियमित तौर पर राशि जमा करने की योजना (Systematic Investment Plan) पर भरोसा कर रहे हैं

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि गुजरात और सिंगापुर के बीच रिश्ते दीर्घकालिक निवेश और उद्योग प्रोत्साहन के लिहाज से काफी मजबूत रहे हैं.

ट्विटर यूजर्स ने माइक की पोस्ट पर चुटकी भी ली और सवाल खड़े किए कि इतनी बड़ी होल्डिंग को कोई कैसे भूल सकता है

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दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला का निधन

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शेयर बाजार के सबसे अमीर निवेशकों में शुमार राकेश झुनझुनवाला का आज निधन हो गया। मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉ​स्पिटल के एक डॉक्टर ने बताया कि 62 साल के दिग्गज निवेशक की मधुमेह और गुर्दे की समस्या अनियंत्रित हो गई थी। सुबह पौने सात बजे अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। उनके परिवार में पत्नी रेखा, दो बेटे और एक बेटी हैं। उनके निधन की खबर से समूचा निवेशक समुदाय सकते में है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘राकेश झुनझुनवाला अजेय थे। वह जिंदादिल, हाजिरजवाब और गहरी समझ वाले थे। उन्होंने आर्थिक जगत पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। भारत की प्रगति के लिए उनके भीतर जुनून था।’ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने झुनझुनवाला को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया, ‘निवेशक, जोखिम लेने का साहस दिखाने वाले, शेयर बाजार की जबरदस्त समझ रखने वाले और अपनी बात साफ-साफ रखने वाले… जिन्हें भारत की ताकत और क्षमता में भरोसा था।’

झुनझुनवाला के हिम्मत भरे दांव, निवेश के शानदार रिकॉर्ड और जुनून के कारण दलाल पथ पर लोग उन्हें श्रद्धा से देखते थे। उन्होंने निवेश का अपना सफर 1985 में महज 5,000 रुपये से शुरू किया था। दिग्गज निवेशक अंतिम समय तक शेयर बाजार में सक्रिय थे और करीब दर्जन भर कंपनियों में उनकी एक फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी थी, जिनका मूल्य इस समय 32,000 करोड़ रुपये से भी अ​धिक है। इसके अलावा कई गैर-सूचीबद्ध फर्मों जैसे देश की नई विमानन कंपनी आकाश एयर में भी उनका निवेश है।

उनसे जुड़े लोग बताते हैं कि झुनझुनवाला जोश में निवेशक को लंबे समय से मधुमेह की समस्या थी और करीब एक साल से वह व्हीलचेयर पर थे। लेकिन उनकी सेहत पिछले कुछ दिनों में ज्यादा ही बिगड़ गई। फिर भी आखिरी वक्त तक उनके भीतर जोश रहा। यह जोश उस वीडियो में भी नजर आया, जिसमें वह व्हीलचेयर पर बैठे-बैठे ही बॉलीवुड के एक लोकप्रिय गाने पर नाच रहे थे। उन्होंने कुछ फिल्में भी बनाईं, जिनमें 2012 में आई श्रीदेवी अ​भिनीत ‘इं​गलिश विंगलिश’ प्रमुख है।

शेयर बाजार की गहरी समझ और मुनाफा कमाने वाले दांव खेलने के कारण झुनझुनवाला आम निवेशकों के बीच भी जाने-पहचाने नाम बन गए थे और उन्हें भारत का वारेन बफेट भी कहा जाता था। बफेट की तरह निवेश पर कही उनकी एक लाइन को भी निवेशक हाथोहाथ लेते थे। कई निवेशक उन्हीं की तरह अपना पोर्टफोलियो बदल लेते थे और जिन शेयरों में झुनझुनवाला निवेश करते थे, आम कई निवेशक भी उन पर दांव लगाने लगते थे।

मगर वह अक्सर निवेशकों से कहते थे कि आंख मूंदकर उनके निवेश की नकल नहीं करें। झुनझुनवाला टाइटन, ल्यूपिन आदि शेयरों के जरिये अपना निवेश कई गुना बढ़ाने में सफल रहे। कई विफल कंपनियों जैसे डीएचएफएल, ए2जेड मेनटेनेंस और डीबी रियल्टी में निवेश पर उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ा था।

झुनझुनवाला के पास ट्रेडिंग और निवेश का दुर्लभ कौशल था। उन्होंने एक बार कहा था कि उनकी ट्रेडिंग कुशलता ने उन्हें न केवल लंबे समय तक निवेश बनाए रखने के लिए पूंजी उपलब्ध कराई ब​ल्कि उनके निवेश कौशल को भी धार दी। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे झुनझुनवाला अपने निवेश वाली कंपनियों के तिमाही नतीजों की बैठकों में अक्सर शामिल होते थे और कंपनी प्रबंधन से तीखे सवाल भी पूछते थे।

​बीते दो दशक से भी लंबे समय से भारत की प्रगति की क्षमता पर भरोसा दिखाने, अर्थव्यवस्था और बाजार में तेजी के बयान और चुनौतियों के बावजूद लंबे समय तक निवेश के कारण उन्हें भारत का बिग बुल भी कहा जाता था। उनकी सफलता और बाजार के प्रति उनकी धारणा ने देश में कई निवेशकों को शेयर बाजार में आने के लिए प्रेरित किया, जबकि देश में 5 फीसदी से भी कम आबादी ही सीधे तौर पर शेयरों में निवेश करती है।

भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली के मूड में हैं विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का भारतीय बाजारों को लेकर बना उत्साह अब ठंडा पड़ता नजर आ रहा है. वे अब जोखिम से दूरी बना रहे हैं.

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बीते तीन दिनों में विदेशी निवेशकों ने भारतय शेयर बाजार में 3,293 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले. वे वायदा बाजार में निफ्टी फ्यूचर्स के जरिए भी कमजोरी की पोजिशन ले रहे हैं.

विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी निवेशकों के फ्यूचर्स की पोजिशन के लॉन्ग-शॉर्ट अनुपात से पता चलता है जोश में निवेशक कि मंदी की तुलना में तेजी की पोजिशन घटकर 58 फीसदी पर आ चुकी है, जो जनवरी सीरीज की शुरुआत में 80 फीसदी थी.

इस जनवरी के बाद से विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 20,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो नवंबर में उन्होंने 71,000 करोड़ रुपये और दिसंबर में 53,500 करोड़ रुपये का निवेश किया था. मोतीलाल ओसवाल के डेरिवेटिव विश्लेषक चंदन तापड़िया ने कहा कि विदेशी निवेशक बजट से पहले सतर्क हैं.

तापड़िया ने कहा, "बड़े निवेश के बाद एफपीआई मुनाफा वसूली कर रहे हैं. अब बाजार लगातार नीचे के ऊपरी और निचले स्तर बना रहे हैं." बकौल तापड़िया, यदि बाजार में विदेशी निवेशकों ने बिकवाली जारी रखी, तो निफ्टी 13,500-13,700 के स्तर तक लुढ़क सकता है.

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Success Tips: बनना चाहते हैं अमीर निवेशक, इस नवरात्रि महिलाओं से सीखें सफलता के 3 मंत्र

Investment Tips: एक सफल निवेशक बनना है तो इस नवरात्रि महिला निवेशकों से तीन जरूरी खूबियां सीखने का एक अच्छा समय है.

Success Tips: बनना चाहते हैं अमीर निवेशक, इस नवरात्रि महिलाओं से सीखें सफलता के 3 मंत्र

Investment Tips: एक सफल निवेशक बनना है तो इस नवरात्रि महिला निवेशकों से तीन जरूरी खूबियां सीखने का एक अच्छा समय है.

Investment Tips: भारत में नवरात्रि का अपना एक खास महत्व है. नवरात्रि को बुराई पर अच्छाई की जीत के उत्सव के जोश में निवेशक रूप में जाना जाता है. रोशनी के त्योहार दिवाली से पहले नवरात्रि मनाई जाती है. यहीं से सर्दियों पहले फेस्ठिव सीजन की शुरूआत हो जाती है. यह वह समय है, जब ग्राहक ग्राहक खरीददारी के लिए बाजार में आते हैं. असल में यह त्योहार भी कुछ नया करने का संकेत देता है, जहां हम यह सोचते हैं कि हम आगे क्या करना चाहिए या क्या करना चाहते हैं. यह वह पल है, जब हम नए सिरे से जोश और उत्साह के साथ सीखने, प्रगति करने और आगे बढ़ने का संकल्प लेते हैं. ऐसे में बहुत से लोग दशहरा के आस पास नए निवेश का महत्व देते हैं.

नवरात्रि को शक्ति का भी प्रतीक माना जाता है. ऐसे में हम आपको बताएंगे कि एक सफल निवेशक बनना है तो महिला निवेशकों से तीन जरूरी खूबियां सीखने का एक अच्छा समय है. यहां उनकी तीन सबसे महत्वपूर्ण खूबियों के बारे में बताया गया है, जिन्हें आपको अपनाना चाहिए.

1. बाजार में तत्परता

कई महिला निवेशकों ने सफल ट्रेडर्स के रूप में अपनी एक खास जगह या प्रतिष्ठा बनाई है. आप यह सोच रहे होंगे कि आखिर उनकी सफलता के क्या राज हैं. बाजार में तत्परता दिखाकर, इन महिला निवेशकों ने लगातार बाजार का अध्ययन किया, और अपने ट्रेडिंग अनुभव से सफलता हासिल की. बाजार में तत्परता दिखाने का मतलब है कि एक व्यक्तिगत निवेशक के रूप में, आपके पास अपने कई गुना वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक निवेश नीति होनी चाहिए. मसलन रिटायरमेंट प्लानिंग से प्लान एक्सपेंडिचर्स के लिए फंड बनाना, और दौलत कमाने से लेकर संपत्ति बनाने तक.

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3 महत्वपूर्ण फैक्टर्स: अपनी निवेश यात्रा शुरू करने से पहले आपको तीन महत्वपूर्ण फैक्टर्स पर भी विचार करना चाहिए. जिनमें अपने व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर एक निवेश की रणनीति बनाना, चाहे यह अल्पकालिक, मध्यावधि या दीर्घकालिक हो. दूसरा अपनी जोखिम लेने की क्षमता को जानना और तीसरा अपनी पसंदीदा निवेश शैली पर ध्यान देना.

निवेश करने के पहले ये होनी चाहिए तैयारी: एक निवेशक के रूप में, जिसने अभी-अभी ट्रेडिंग शुरू की हो, आपको बाजार की अच्छी समझ होनी चाहिए. सफल महिला निवेशकों की तरह, जिन्होंने बाजार में तत्परता दिखाई है, आपको हमेशा बाजार के प्रमुख बदलाव याद रखने चाहिए. न कि तुरंत अमीर बनने के लिए उल्टा सीधा निवेश कर बैठें. बाजार में तत्परता दिखाने का मतलब यह भी है कि निवेश करने से पहले, आपको अच्छी तरह से बाजार का रिसर्च करना चाहिए. साथ ही कुछ महत्वपूर्ण मानदंड समझने चाहिए, जैसे कि मार्केट कैपिटलाइजेशन, डेट टु इक्विटी रेश्यो, प्राइस टु अर्निंग रेश्यो, नेट इनकम, इनकम में ग्रोथ, डिविडेंड जारी करना.

2. लगातार सीखना

इसका मतलब है कि आप न केवल दिन-प्रतिदिन के आधार पर ट्रेडिंग के बारे में सीखते हैं, बल्कि जो बातें सीखते हैं, उन्हें ट्रेडिंग के दौरान अप्लाई भी करते हैं. लगातार सीखना सफलता की पहचान है, चाहे आप किसी इन्वेस्टमेंट ड्राइवेट एन्वायरनमेंट में काम कर रहे हों. अपने दैनिक कामों के साथ शेयर बाजार के बारे में भी थोड़ा-बहुत सीखते रहें, इससे समय के साथ आप सफल निवेशकों की सूची में भी शामिल हो सकते हैं. जैसा कि सफल महिला निवेशकों ने दिखाया है.

निरंतर सीखने का मतलब अच्छा निवेश पोर्टफोलियो बनाना भी है. ध्यान रहे कि शेयर बाजार आपको डाइवर्सिफिकेशन का लाभ देते हैं, जहां आप स्टॉक, कमोडिटीज, फ्यूचर्स और ऑप्शंस और करंसी में निवेश कर सकते हैं. इसके साथ-साथ, आपको मैक्रोइकॉनॉमिक इंडिकेटर्स पर लगातार ध्यान देना होगा, जिसका बाजार पर काफी प्रभाव पड़ता है.

3. धैर्य बनाए रखना

महिलाओं का एक गुण धैर्य भी है. प्रॉफिटेबल और कॉम्पिटीटिव रिटर्न पाने के लिए दीर्घकालिक निवेश नीति रखने के साथ, आपको हर कीमत पर भावनाओं पर आधारित निवेश से बचना है. सफल महिला निवेशकों के अनुसार, ट्रेडिंग को बाजार की चाल और कंपनी की रिपोर्ट जैसे व्यावहारिक जोश में निवेशक विचारों से प्रासंगिक होना चाहिए. अगर बाजार अचानक ही गिरने लगता है, तो यह आपके धैर्य और भावनात्मक बुद्धिमत्ता की परीक्षा का समय होगा.

परीक्षा के इस समय पर, कई निवेशक खरीद और बिक्री से घबराते हैं. यह सफल निवेशक की खूबी नहीं है. याद रखें, बाजार एक निश्चित अवधि के बाद रीबाउंड कर सकता है. कई बार, जब बाजार में गिरावट होती है, तो सफल निवेशक अपनी निवेश नीति पर कायम रहते हैं. बाजार के बेसिक्स का पालन का ही पालन करने, अनुभवी निवेशकों/करते हें.

यूरेका फोर्ब्स को मिला नया CEO, शेयर में 14% उछाल, निवेशकों का जोश हाई

नए सीईओ की खबर से मंगलवार के कारोबार में यूरेका फोर्ब्स के शेयर में 14 फीसदी का उछाल आ गया। कारोबार के दौरान शेयर का भाव 422.50 रुपये के स्तर तक गया, वहीं क्लोजिंग 415.30 रुपये पर हुई।

यूरेका फोर्ब्स को मिला नया CEO, शेयर में 14% उछाल, निवेशकों का जोश हाई

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स फ्लैगशिप कंपनी यूरेका फोर्ब्स (Eureka Forbes) को नया सीईओ मिल गया है। यूरेका फोर्ब्स ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया है कि जोश में निवेशक प्रतीक पोटा कंपनी के नए सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर होंगे। जानकारी के मुताबिक यूरेका फोर्ब्स के बोर्ड ने 16 अगस्त, 2022 से 5 वर्ष की अवधि के लिए प्रतीक पोटा की नियुक्ति को मंजूरी दी है, जो शेयरधारकों की इजाजत के अधीन है।

बहरहाल, नए सीईओ की खबर से सिर्फ मंगलवार के कारोबार में यूरेका फोर्ब्स के शेयर में 14 फीसदी का उछाल आ गया। कारोबार के दौरान शेयर का भाव 422.50 रुपये के स्तर तक गया, वहीं क्लोजिंग 415.30 रुपये पर हुई। एक दिन पहले के मुकाबले यह 12 फीसदी की तेजी आई है। मार्केट कैपिटल की बात करें तो 8 हजार करोड़ रुपये है।

पिछले माह ही खाली हुआ था पद: बीते जून माह में कंपनी ने बताया था कि मार्जिन आर श्रॉफ, यूरेका फोर्ब्स के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के पद को छोड़ेंगे। मार्जिन आर श्रॉफ की बात करें तो उन्होंने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया था। वह एडवेंट इंटरनेशनल और यूरेका फोर्ब्स लिमिटेड दोनों कंपनियों के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में काम करेंगे।

बता दें कि इस साल की शुरुआत में शापूरजी पलोनजी ग्रुप ने यूरेका फोर्ब्स नाम के तहत अपने कारोबार को अमेरिकी कंपनी एडवेंट इंटरनेशनल को बेच दिया था। यह वैक्यूम क्लीनर और वाटर प्यूरिफायर बनाने वाली देश की बड़ी कंपनियों में शुमार है।

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