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ADR क्या है?

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2017 विधानसभा और बाकी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की तुलना में राज्य में सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने गुजरात के पहले चरण के चुनाव में केवल 16 फासदी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 की अपेक्षा इस बार राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने सुधार किया है.बीजेपी ने 2017 के पहले चरण के चुनाव में 25 फीसदी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट दी थी.

ADR क्या है | What is ADR in Hindi !!

ADR Report: गुजरात चुनाव के पहले चरण में 'दागी' उम्मीदवारों की लिस्ट में AAP टॉप पर, 36 फीसदी के खिलाफ आपराधिक मामले

By: ABP Live | Updated at : 25 Nov 2022 11:52 AM (IST)

(दागी उम्मीदवारों की लिस्ट में AAP टॉप पर, फाइल फोटो)

Gujarat Election 2022: गुजरात में आम आदमी आदमी पार्टी पहली बार सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इस बार आम आदमी पार्टी ADR क्या है? अपनी पूरी ताकत से चुनाव लड़ रही है और चुनाव प्रचार कर रही है. गुजरात में दिल्ली के ADR क्या है? सीएम अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. गुजरात के चुनाव में इस बार एक अलग माहौल है. गुजरात में जहां हमेशा विधानसभा का मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच होता था लेकिन इस बार आप की एंट्री ने चुनावी माहौल बदल दिया है. पहले चरण में आम आदमी पार्टी (आप) कुल 89 में से 88 सीट पर चुनाव लड़ रही है.

वैकल्पिक विवाद समाधान (Alternative Dispute Redressal: ADR)

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में संसद में मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2018 को लागू करने की स्वीकृति प्रदान की है जो संस्थागत मध्यस्थता को सुगम बनाएगी और भारत को सुदृढ़ वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) तंत्र का केंद्र बनाने में सहायक होगा।

  • जैसा कि नाम से पता चलता है, ADR असहमत पक्षों को मुकदमेबाजी की प्रक्रिया में पड़े बिना किसी विवाद के समाधान हेतु स्थापित तंत्र है।
  • ADR प्रक्रिया केवल दीवानी विवादों के मामले में स्वीकार्य है, जिसे कानून द्वारा स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाता है। ADR के तरीकों को न्यायालय और औपचारिक कानून प्रणाली का विकल्प घोषित किया गया है तथा इसे विवाद को शीघ्रता से और सौहाद्रपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए अपनाए जाने वाले सर्वोत्तम तरीकों में से एक माना गया है।

वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) के विविध प्रकार

  • पंचाट (Arbitration): यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक तटस्थ तृतीय पक्षकार या पक्षकारों का समूह मामले के गुण-दोषों के आधार पर निर्णय प्रस्तुत करता है। विवाचन की प्रक्रिया केवल तब ही आरंभ की जा सकती है जब विवाद के उद्भव के पहले ही दोनों पक्षों के बीच एक विधिमान्य पंचाट समझौता किया गया हो।
  • मध्यस्थता (Mediation): मध्यस्थता की प्रक्रिया का लक्ष्य विवादित पक्षों को आपसी सहमति के माध्यम से समाधान तक पहुँचने में सहायता करना है। मध्यस्थता की प्रक्रिया का निरीक्षण एक निष्पक्ष तृतीय पक्ष अर्थात् एक मध्यस्थ द्वारा किया जाता है। मध्यस्थ का प्राधिकार दोनों पक्षों की आपसी सहमति में निहित होता है।
  • सुलह (Conciliation): यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा विवादों का समाधान समझौते या स्वैच्छिक करार द्वारा प्राप्त किया जाता है। पंचाट के विपरीत, सुलह की प्रक्रिया में बाध्यकारी निर्णय नहीं दिए जाते हैं। दोनों पक्ष इस प्रक्रिया से प्राप्त | निर्णय को स्वीकार करने या अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र होते हैं।
  • लोक अदालत: इनका गठन विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत किया जाता है। यह सार्वजनिक सुलह का एक रूप है। इसकी अध्यक्षता 2 या 3 लोगों के द्वारा की जाती है जो न्यायाधीश या अनुभवी अधिवक्ता होते हैं। उन्हें सीमित रूप में सिविल न्यायालय की शक्तियाँ प्रदान की गई है।
  • न्याय पंचायत: ये ग्रामीण न्यायालय ग्रामीण समुदाय की स्थानीय परंपराओं, संस्कृति और व्यवहार प्रतिरूप द्वारा निर्देशित होते हैं और इस प्रकार ये न्याय के प्रशासन में लोगों के विश्वास को स्थापित करते हैं। इनमें 200 रुपये तक के मौद्रिक दावे विचारण हेतु लिए जा सकते हैं। इसका आपराधिक क्षेत्राधिकार लापरवाही, अनधिकृत प्रवेश, उपद्रव आदि के साधारण मामलों तक विस्तृत है। इन पंचायतों में सुलह पर बल दिया जाता ADR क्या है? है।

ADR के विभिन्न प्रावधान

  • ऐतिहासिक दृष्टिकोण: भारत में पंचायत सर्वाधिक प्राचीन ज्ञात ADR तंत्र हैं। निर्णय तक पहुँचने हेतु निष्पक्ष तृतीय पक्ष की | सहायता लेना दीर्घ काल से ही भारतीय संस्कृति का अंग रहा है।
  • संवैधानिक प्रावधान: तंत्र को अपना आधार अनुच्छेद 14 (विधि के समक्ष समता), अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) और अनुच्छेद 32 (संवैधानिक उपचार का अधिकार) के अंतर्गत प्राप्त होता है जो लोगों को न्याय पाने का अधिकार प्रदान करते हैं। इसे अनुच्छेद 39A के तहत समान न्याय और नि:शुल्क विधिक सहायता के लिए DPSP से भी संबंधित किया जा सकता है।
  • अन्य प्रावधान : न्यायालय के बाहर विवादों का निपटारा सिविल प्रक्रिया संहिता (धारा 89), ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2009, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (लोक अदालत प्रणाली की स्थापना का आधार) का एक भाग है।
  • जस्टिस मलिमथ समिति (1989-90) की रिपोर्ट ने भी ADR तंत्र को व्यवहार्य विकल्प के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता का भी सुझाव दिया है।

ADR क्या है?

एडीआर का फुल फॉर्म, ADR Kya Hai, ADR Full Form, ADR Meaning, ADR Abbreviation

Adverse Drug Reaction

हिंदी अर्थ:

प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया

श्रेणी:

Medical » Diseases & Conditions

Gujarat Poll 2022 Phase 1 : दागी उम्मीदवार उतारने में आम आदमी पार्टी सबसे आगे, भाजपा-कांग्रेस का क्या है हाल?

Gujarat Poll 2022 Phase 1 : दागी उम्मीदवार उतारने में आम आदमी पार्टी सबसे आगे, भाजपा-कांग्रेस का क्या है हाल?

कांग्रेस ने गुजरात के पहले चरण के चुनाव में 31 सीटों पर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है.

ADR Data for Phase 1 of Gujarat Election 2022 : गुजरात में पहले फेज का चुनाव 1 दिसंबर 2022 को होना है. इस बार राज्य विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आपराधिक आरोपों का सामना ADR क्या है? करने वाले उम्मीदवारों की संख्या में वृद्धि हुई है. गुजरात चुनाव 2022 के पहले चरण में अपनी दावेदारी पक्की करने के लिए नामांकन के दौरान चुनाव आयोग को दिए एफिडेविट में 21 फीसदी उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलें होने की घोषणा की है. एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रैटिक रिफॉर्म यानी एडीआर (ADR) की एक रिपार्ट से इसका खुलासा हुआ है. राजनीति में अपराधीकरण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को पहले से ही निर्देश दिया गया है बावजूद इसके गुजरात चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीवारों को संख्या में वृद्धि देखने को मिल रही है. जबकि सुप्रीम कोर्ट अपने निर्देश में कह चुका है कि राजनीतिक पार्टियों को चुनाव के 48 घंटों के भीतर अपने उम्मीदवारों के आपराधिक रिकार्ड को जनता के सामने सार्वजानिक करना होगा.

दागियों को टिकट देने में AAP सबसे आगे

गुरूवार को जारी रिपोर्ट में एडीआर ने बताया है कि इस बार गुजरात चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है. सबसे अधिक दागी नेताओं को टिकट देने के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (AAP) है. सत्ताधारी पार्टी भाजपा में 2017 के मुकाबले 2022 के पहले चरण के चुनाव में सुधार देखने को मिला है. बीजेपी ने गुजरात में 1 दिसंबर को 89 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कम उम्मीदवारों को टिकट दिया है. वहीं राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने पिछली बार की अपेक्षा इस बार भी करीब उतने ही दागी उम्मीदवारों को टिकट दिया है.

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पहले चरण के चुनाव में AAP के 32 उम्मीदवार दागी

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के पहले चरण में शामिल हुए उम्मीदवारों में से सिर्फ 15 फीसदी के खिलाफ आपराधिक मामले सामने आए थे. लेकिन 2022 के गुजरात चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की संख्या बढ़ गई है. एडीआर की रिपोर्ट में गुजरात के पहले चरण के चुनाव में अपनी दावेदारी के लिए उतरे 21 फीसदी उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि के बताई गई हैं. एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक आम आदमी पार्टी के कुल 88 उम्मीदवारों में से कुल 32 उम्मीदवार आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं.

कांग्रेस पार्टी के मामले में भी ऐसा ही है, पार्टी के 35 फीसदी उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग को दिए एफिडेविट में अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस गुजरात के पहले चरण के चुनाव में सभी 89 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. पार्टी ने 31 सीटों पर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है.

ADR क्या है?

You are currently viewing ADR और GDR में क्या अंतर है !!

  • Post author: Ankita Shukla
  • Post published: March 14, 2019
  • Post category: ADR क्या है? Gyan
  • Post comments: 0 Comments

हेलो दोस्तों…आज हम आपको “ADR और GDR” के विषय में बताने जा रहे हैं. आज हम बताएंगे कि “ADR और GDR क्या है और इनमे क्या अंतर होता है?”. ADR और GDR दोनों का प्रयोग भारतीय कंपनियां विदेशी पूंजी बाजार से धन जुटाने के लिए करती हैं। इन दोनों के बीच में सबसे मुख्य अंतर बाजार में होता है, इन्हे जारी किया जाता है और बदले में उन्हें सूचीबद्ध कर दिया जाता है. जबकि ADR को यूएस स्टॉक एक्सचेंजों पर trade किया जाता है और GDR को यूरोपीय स्टॉक एक्सचेंजों में trade किया जाता है। बाकी अंतर को हम आपको आगे विस्तार ADR क्या है? में बताएंगे. तो चलिए शुरू करते हैं आज का टॉपिक.

ADR क्या है | What is ADR in Hindi !!

ADR का पूरा नाम “American Depository Receipt” होता है, जो एक परक्राम्य प्रमाण पत्र होता है, जिसे US बैंक द्वारा issue किया जाता है. इसके जरिये यूएस स्टॉक मार्केट में एक विदेशी कंपनी के व्यापार की प्रतिभूतियों का प्रतिनिधित्व करने वाले यूएस $ को दर्शाया जाता है। ये रसीद अंतर्निहित ADR क्या है? शेयरों की संख्या के खिलाफ एक दावा का कार्य करती है. अमेरिकी निवेशकों को बिक्री के लिए ADR की पेशकश की जाती है. American Depository Receipt ही वो है, जिसके जरिये अमेरिकी निवेशक गैर-अमेरिकी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं. इस स्थिति में लाभांश का भुगतान ADR धारकों को किया जाता है वो भी अमेरिकी डॉलर में.

GDR क्या है | What is GDR in Hindi !!

GDR क्या है | What is GDR in Hindi !!

GDR जिसका पूरा नाम “Global Depository Receipt” होता है, ये एक प्रकार का परक्राम्य उपकरण होता है, जो विभिन्न देशों के वित्तीय बाजारों को एक एकल उपकरण के साथ टैप करने के लिए उपयोग में लाये जाते हैं. एक विदेशी कंपनी में शेयरों की निश्चित संख्या का प्रतिनिधित्व करने वाले एक से अधिक देशों में, ये रसीदें डिपॉजिटरी बैंक के द्वारा जारी होती हैं. ये GDR धारक का काम होता है, कि बैंक को प्राप्तियां सरेंडर करके उन्हें शेयरों में बदल दें. GDR के लिए वित्त मंत्रालय और FIPB (फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड) की पूर्व मंजूरी कंपनी द्वारा पहले ही लेनी पड़ती है.

# ADR का पूरा नाम “American Depository Receipt” होता है और GDR का पूरा नाम “Global Depository Receipt” है.

# ADR पर केवल अमेरिका में ही मोल भाव किया जा सकता है जबकि GDR पर दुनिया भर में मोल भाव किया जा सकता है।

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